भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की एंटी करप्शन टीम ने खुलासा किया है कि सट्टे के मास्टर माइंड नयन रमेश शाह के होटल लैंडमार्क के एक मैनेजर और कुछ स्टाफ से रिश्ते मिलने के सबूत मिले हैं। नयन रमेश के होटल में ठहरने, कमरा बदलने में मैनेजर की संलिप्तता पाई गई है। एंटी करप्शन टीम मैनेजर पर शिकंजा कस रही है।
लैंडमार्क होटल
गुजरात लायंस और दिल्ली डेयरडेविल्स के बीच 10 मई को ग्रीनपार्क स्टेडियम में आईपीएल मैच खेला गया था। मैच के अगले दिन बीसीसीआई की एंटी करप्शन टीम के नीरज कुमार आदि ने होटल लैंडमार्क से सट्टेबाज पूर्व अंडर-19 खिलाड़ी मुंबई के नयन रमेश को सट्टेबाजी करते रंगे हाथ रुपयों के साथ दबोचा था।
बाएं से नयन रमेश शाह, विकास चौहान, रमेश
उसके दो सहयोगी रमेश बिहारी और विकास चौहान को भी कानपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया था। एंटी करप्शन टीम के प्रमुख नीरज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि होटल लैंडमार्क के एक मैनेजर और उसके स्टाफ के नयन रमेश शाह से अच्छे रिश्ते थे।
डेमो
इन्हीं रिश्तों के चलते होटल में नयन का कमरा भी बदला गया था। उन लोगों से नयन की बात भी हुई थी, बात क्या हुई थी, यह अभी पता नहीं चला है। जांच में यह भी पता चला है कि नयन की होटल में तीन लोगों से मुलाकात हुई थी। नयन के पास आईपीएल सीजन 10 का कार्ड कैसे पहुंचा, इसकी भी गंभीरता से जांच हो रही हैं।