बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी ने अमर उजाला संवाद में कहा कि आने वाले समय में ऑडियंस को और बेहतर पर्फामेंस कर के दिखा सकती हूं। मेरे लिए अभी तक आइटम नंबरों की घंटी बजी नहीं है अगर आगे मुझे मौका मिलेगा तो जरूरी करूंगी।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी
मुंबई से जूझने के अलग-अलग लेवल होते हैं। मैं पली बढ़ी मुंबई में थी, मैं गर्मियों की छुट्टी में राजस्थान जाती थी अपने रिश्तेदारों को घर वहां खूब मस्ती करते थे। गांव में दो महीने बिताना पहले बड़ा अच्छा लगता था अब जब शूटिंग में जाते हैं तो थोड़ा अजीब लगता है। मैं किसी भी तरह के व्यक्ति से कैसे भी बात कर सकती हूं। मैने कभी सोचा न था कि मैं भी कभी एक्ट्रेस बन सकती हूं।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी
इरशाद कामिल ने कहा कि- आपको आपका कॉन्फिडेंस ही बनाता है। आइटम सॉन्ग होना कोई खराब बात नहीं है। सॉन्ग के बारे में अगर एटीट्यूड खराब होता है तो वो भद्दे लगते हैं। सबसे पहली मेरी फिल्म चमेली थी जिसका गाना- मन सात समंदर डोल गया, गाना लोग आज भी पसंद करते हैं। डांस बार के गाने को लोगों ने खूब सराहा। जिंदादिली बहुत जरूरी है।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी
अपनी कला और विचारों को व्यक्त करना बहुत जरूरी है। जब मैं पहली बार मुंबई गया तो वहां मेरा एक दोस्त मिला। मैं ४ हजार रुपये कलेक्ट करके वहां पहुंचा लेकिन कोई सपोर्ट नहीं मिला। आईएसबीटी के पास तिब्बती होटल में ३-४ तिन रहा। दिल्ली से तत्काल की टिकट लेकर मैं मुंबई पहुंच गया।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी
हर एक शहर का एक अपना कल्चर होता है। इसके लिए क्रेश कोर्स की जरूरत पड़ती है। ये क्रैश कोर्स तीन महीने हो सकता है या तीन साल भी हो सकता है। मेरी किस्मत अच्छी थी कि मुझे जल्दी मौका मिल गया। इम्तियाज अली ने कोई पिक्चर नहीं बनाई थी। हमने सभी ने मिलकर सोचा न था फिल्म बनाई थी।
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी
पद्मावती फिल्म के बारे में कीर्ति ने कहा कि अब अजीबोगरीब चीजें हिंदुस्तान में होने लगी हैं। अगर कोई किसी की भावना को ठेस पहुंचाता है तो उसका वैसा विरोध नहीं होना चाहिए जैसा पद्मावती के साथ हुआ। कलाकारों की भावनाओं की कद्र भी जरूरी है। इंडिया की ऑडियंस को अपनी सोच बदलनी होगी। हमें सपोर्ट की जरूरत है। यहां पर्सनल दुष्मनी हम नहीं निभाते। अपना काम करते हैं।