फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज में जानवरों के लिए घास लेने निकले चौकीदार के भाई का शव दो दिन बाद निर्माणाधीन शीतगृह के पास मक्का के खेत में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने कागजी कार्रवाई कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा निवासी संजय (40) पुत्र रामआसरे मंगलवार सुबह जानवरों के लिए घास लेने जाने की बात परिजनों से कहकर घर से निकला था। इसके बाद से लापता था। गुरुवार दोपहर नगला भूड़ निवासी रामकिशोर अपनी धान की फसल देखने जा रहे थे।
तभी निर्माणाधीन शीतगृह के निकट रजीपुर निवासी दयाशंकर के मक्का के खेत में उन्होंने शव पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों व पुलिस को दी। खुदागंज चौकी प्रभारी उदयवीर सिंह ने पहुंचकर भटपुरा निवासी चौकीदार बालकराम को बुलाया।
उसने शव की शिनाख्त अपने भाई संजय के रूप में की। घटनास्थल पर संजय की मां शीतला देवी व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सीओ राजवीर सिंह व प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर जांच की।
भतीजे अर्पित ने बताया कि चाचा 12 दिन पूर्व घर से बिना बताए चले गए थे। खोजबीन के दौरान वह हरदोई जिले के पाली क्षेत्र में मिले थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और विवाह नहीं हुआ था। संजय पांच भाइयों में सबसे बड़ा था।
पिता रामआसरे ने बताया कि घास काटने के दौरान दौरा पड़ने से संजय की मौत होने की आशंका है। प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। शव उनको सौंप दिया गया।