उन्नाव में असोहा थाना क्षेत्र के असावर गांव निवासी महिला शिक्षामित्र का शव सोमवार सुबह घर के कमरे में फंदे से शव लटका मिला। पैर घुटने तक जमीन में छू रहे थे। मामला संदिग्ध देख पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ससुर ने एक साल पहले बेटे (मृतका के पति) के फांसी लगाकर जान देने के बाद से मानसिक रूप से परेशान होने की बात पुलिस को लिखित में दी है।
एसओ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। असावर गांव निवासी स्व. शिवानंद की 36 वर्षीय पत्नी सविता शिक्षामित्र थी। सोमवार सुबह तीन बजे उसका शव घर के कमरे में छत के कुंडे से साड़ी से लटका मिला। लघुशंका के लिए उठे 12 वर्षीय बेटे हर्षित ने मां का शव देखा तो चीख पड़ा। छह वर्षीय छोटा बेटा रचित भी मां का शव देख सहम गया।
शोर सुन परिवार के अन्य लोग पहुंचे। ससुर जगदेव व देवर महेंद्र ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच करने पहुंचे दारोगा के अनुसार महिला के घुटने जमीन में रखे मिले हैं। जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। वहीं, मृतका के ससुर जगदेव ने पुलिस को बताया कि एक वर्ष पहले उसके बेटे शिवानंद ने भी घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। उसकी मौत से बहू सविता मानसिक रूप से तनाव में चल रही थी। एसओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पिता के बाद मां की मौत से बच्चे बेहाल
एक साल पहले शिवानंद की मौत बाद सोमवार तड़के उसकी शिक्षामित्र पत्नी सविता की मौत से परिजन बेहाल रहे। वहीं, पिता के बाद मां की मौत से दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की बेबसी देख हर किसी की आंख नम हो गई। ससुर जगदेव ने बताया कि उसकी बहू शिक्षामित्र के साथ बीएलओ भी थी। वर्ष 2005 में बहू शिक्षामित्र हुई थी। सपा सरकार में सहायक अध्यापक का उसे दर्जा मिल गया था। इस सरकार ने पुन: शिक्षामित्र पद पर वापसी की तो सविता और तनाव में रहने लगी। जिससे उसने आत्महत्या का कदम उठा लिया।