ग्राहकों को कैश बैक का लाभ मिलना था
बैंक के द्वारा जारी पत्र में बताया गया की किए गए कुल एक्टिवेशन और सही एक्टिवेशन में अंतर पाया गया। 20 शाखाएं इसमें दी गई सीमा से बाहर हो गई। इन शाखाओं को अभियान में टारगेट पूरा करने के बाद प्रतिपूर्ति किए गए रुपये वापसी का आदेश किया गया है। बैंक के दूसरे अभियान में ग्राहकों को कैश बैक का लाभ मिलना था।
1067 स्टॉफ को 221540 रुपये की प्रतिपूर्ति की गई
उसके साथ ही इसका लाभ बैंक के 1067 स्टॉफ सदस्यों को हुआ, जिसमें 11 अक्तूबर 2021 से 14 दिसंबर 2022 के बीच तीन बार अभियान चलाया गया। इन 1067 स्टॉफ को 221540 रुपये की प्रतिपूर्ति की गई थी। इसे भी तुरंत वापस लेने का आदेश किया गया है। ऑल इंडिया वी बैंकर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीन बिस्वास ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों से अब दिए गए।
पैसा वापस लेने का निर्णय बिल्कुल ही गलत
रिवार्ड व प्रतिपूर्ति की वापसी संबंधी आदेश गलत है। यह सब कार्य बैंक प्रबंधन अपने एप को ज्यादा से ज्यादा एक्टिवेशन करवाने के लिए ही लाया गया था। किसी ने भी रुपये मांगा नहीं था। बैंक प्रबंधन खुद ही ये ऑफर लाया था, अब 2021 से 2022 का दिया गया पैसा वापस लेने का निर्णय बिल्कुल ही गलत है।