यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन पांच मई से शुरू होंगे। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने जारी किया है। इस आदेश का पालन करते हुए डीआईओएस ने तैयारियों को लेकर शनिवार सुबह 10 बजे जीआईसी चुन्नीगंज में बैठक बुलाई है।
हालांकि शिक्षकों ने इस पर आपत्ति जताई है। शिक्षकों का कहना है छह में से पांच केंद्र हॉट स्पॉट इलाकों में हैं। ऐसे में मूूल्यांकन कार्य कैसे संभव है। शुक्रवार को ही मूल्यांकन कार्य पांच मई से कराने का आदेश मिलते ही शिक्षकों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडे गुट के प्रांतीय संयोजक शैलेंद्र द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक मूल्यांकन करने में पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन कानपुर रेड जोन में है। मूल्यांकन करने आने वाले 50 फीसदी शिक्षक पब्लिक ट्रांस्पोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। छह में से पांच केंद्र हॉटस्पॉट इलाकों में हैं, ऐसे में कैसे मूल्यांकन कार्य संभव हो पाएगा।
डीआईओएस सतीश तिवारी का कहना है कि शनिवार को मूल्यांकन केंद्र के छह प्रिंसिपल और छह पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई है। जीआईसी चुन्नीगंज, जो कि हॉटस्पॉट इलाके में हैं, वहां पर बैठक रखी गई है।
बैठक में मूल्यांकन की रणनीति बनाई जाएगी। केंद्र में तो बदलाव अभी संभव नहीं। इन्हीं केंद्रों के कमरों की स्थिति, परीक्षकों की संख्या के आधार पर ही मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को बुलाया जाएगा।