औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए डीएम कौशल राज शर्मा की ओर से दिया गया 10 दिन का अल्टीमेटम रविवार को खत्म हो गया लेकिन उद्यमियों की एक भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
औद्योगिक क्षेत्र पनकी में जलभराव और नालियों की सिल्ट सफाई न होने की जो समस्या जोर शोर से उठाई गई थी, उसका समाधान होने के बजाय और विकराल हो गई है।
पनकी और दादा नगर की नालियां चोक पड़ी हैं। नालियों का पानी सड़कों, मजदूरों व श्रमिकों की बस्तियों और फैक्ट्रियों में घुस रहा है। फैक्ट्रियों में सीलन भी लग गई है। बता दें ठीक एक साल बाद 31 दिसंबर को डीएम की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु की बैठक हुई थी।
उस दौरान डीएम की सख्ती देखकर उम्मीद जगी थी कि अब औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान निकलेगा, लेकिन हालात जस के तस हैं।
पीआईए अध्यक्ष मनोज बंका ने कहा कि उद्योग बंधु की बैठक में उठी
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। निराशा हाथ लगी है। उद्यमियों को एक्शन
चाहिए न कि आश्वासन।
आईआईए सचिव, आलोक अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक
क्षेत्रों का बुरा हाल है। नालियां बजबजा रही हैं। पानी उफनाकर गलियों और
फैक्ट्रियों में भर रहा है। बैठक का असर देखने को नहीं मिला।
आईआईए,
महिला विंग अध्यक्ष ममता शुक्ला ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान नहीं
हुआ है। मेरी दवाओं की फैक्ट्री है। सीलन की वजह से नुकसान हो रहा है। जब
समस्या का समाधान नहीं तो ऐसी बैठकों का क्या मतलब?
नहीं निकला हल
1- पनकी साइट 2 और 3 में धर्मकांटों की संख्या बढ़ने पर ट्रकों का जमावड़ा होने की समस्या उठी थी। डीएम ने यहां नो पार्किंग जोन लागू करवाने की बात कही थी।
2- औद्योगिक स्थान कालपी रोड पर ट्रकों का खड़ा होना, इंडस्ट्रियल एरिया में गाड़ियां खड़ी करने से जाम और अतिक्रमण व बॉडी मेकिंग का काम नहीं रुका। डीएम ने यूपीएसआईडीसी के अफसरों से कहा था कि ट्रांसपोर्ट का काम ट्रांसपोर्ट नगर भेजा जाए।
3- रूमा इंडस्ट्रियल एरिया में आईआईए ने मसला उठाया था कि भूमि आवंटन के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिला। इस पर डीएम ने 10 दिन में मामला निपटाने के लिए यूपीएसआईडीसी से कहा था।