जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए वहीं 40 से अधिक जवान घायल हैं। पूरे देश में इस घटना का विरोध किया जा रहा है। कोई भी समुदाय हो कोई भी वर्ग हो इस घटना की निंदा कर रहा है।
पुलवामा में कल हुए आतंकवादी हमले के विरोध में कानपुर में जामा मस्जिद जरीब चौकी के बाहर मदरसा रजा-ए-मुस्तफा की जानिब से जुम्मे की नमाज के बाद नमाजियों ने आतंकवाद का पुतला जलाया।वहां पर भारी संख्या में मौजूद रहे नमाजियों ने आतंकवाद मुर्दाबाद पाकिस्तान मुर्दाबाद हिंदुस्तान जिंदाबाद जैसे नारे लगाते हुए पहले पुतले को जूतों और डंडों से पीटा। इसके बाद उसमें आग लगा दी।
हिन्दू-मुस्लिम युवाओं ने की नारेबाजी
आतंकी हमले का विरोध करते युवा
प्रमुख रूप से मोहम्मद अहमद खान, शब्बू अंसारी, फिरोज खान, एजाज सिद्दीकी, हसीन लाला, पप्पू मंसूरी, अहमद अली बरकाती, शाहिद लवली, वशी अंसारी, मुशरान, बरकत, अकरम, आदि लोग मौजूद रहे।
कानपुर देहात के थाना चौराहे पर हिन्दू-मुस्लिम युवाओं ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए फिदायीन हमले में शहीद हुए सैनिकों के लिए शोक सभा का आयोजन किया। इस दौरान सभी ने शहीदों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की। रैंगवां गांव निवासी शहीद श्याम बाबू अमर रहें के नारे लगाए।