वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. लालचंदानी ने बताया कि जाड़े में धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ऐसे में अगर किसी ने क्षमता से अधिक कार्य किया तो हृदय पर तनाव और बढ़ जाता है। इससे अटैक आ जाता है। इस समय ऐसी स्थिति पैदा हो गई है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि उनकी ओपीडी में ढाई सौ रोगी आए। इनमें 70 फीसदी का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। ये रोगी सांस की तकलीफ, बुखार, खांसी-जुकाम, पेट दर्द सरीखे रोग के इलाज के लिए आए थे। इन्हें ब्लड प्रेशर बढ़ने का अंदाजा ही नहीं था।
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अवधेश शर्मा का कहना है कि अचानक बीपी बढ़ने से रोगी ‘एडरीनर्जिक ड्राइव’ में चला जाता है। कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में आ रहे हार्ट अटैक के ज्यादातर रोगियों को पहली बार हाई ब्लडप्रेशर डायग्नोस हो रहा है।
ब्लड प्रेशर के तीन प्रमुख लक्षण
सिर दर्द, चक्कर और थकान, सुस्ती आना।
जाड़े में बीपी अचानक बढ़ने पर
- जाड़े में सिकुड़ी धमनियों में थक्के जम जाते हैं, हृदय में खून का बहाव रुकता है और हार्ट अटैक आ जाता है।
- मस्तिष्क की नसों में खून का थक्का जमने पर ब्रेन अटैक पड़ता है, अधिक प्रेशर होने पर नसें फट जाती हैं।