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Kanpur News: बिना सर्जरी होगा नसों में खून के थक्के का इलाज

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कानपुर। हाथ, पैर और आंतों की नसों में खून के थक्के का इलाज अब बिना सर्जरी या किसी साइड इफेक्ट के संभव हो सकेगा। इसके लिए कार्डियोलॉजी विभाग में करीब 40 लाख रुपये की नई मशीन एंजियोजेट थ्रोम्बेक्टोमी स्थापित की गई है, जिसकी मदद से सीधे खून के थक्के को हटाया जाएगा और ब्लॉकेज की एंजियोग्राफी भी कर दी जाएगी। इससे रोगी बिना किसी बड़ी सर्जरी के ठीक हो सकेगा।
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कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि अस्पताल में हर महीने 10 से 15 ऐसे रोगी आते हैं। पहले इन रोगियों का इलाज दवा के जरिये किया जाता था, लेकिन दवा का असर केवल थक्के पर नहीं, बल्कि पूरे शरीर और अन्य अंगों पर भी पड़ता था। दूसरा तरीका सर्जरी कर थक्के को निकालना था, जिसमें कई जटिलताएं रहती थीं। अब नई मशीन से रोगियों का इलाज सरल और सुरक्षित हो गया है।
डॉ. वर्मा के अनुसार कार्डियोलॉजी प्रदेश में पहला संस्थान है, जहां यह मशीन उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि हाथ, पैर और आंतों में खून का थक्का जमने की समस्या आनुवंशिक कारणों, हृदय रोग, बड़े ऑपरेशन जैसे कूल्हा प्रत्यारोपण, लंबे समय तक बीमारी, शुगर या बीपी बढ़ने वाले रोगियों में अधिक होती है। इसके अलावा डायलिसिस वाले मरीजों में भी फिस्टुला के कारण यह समस्या आम है। इस मशीन से एक तार नस में डाला जाता है, जिसमें कैथेटर लगा होता है। यह सीधे थक्के वाली जगह तक पहुंचता है और थक्के को समाप्त कर देता है, साथ ही नस में ब्लॉकेज को एंजियोग्राफी से पहचानकर ठीक किया जाता है।
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