कानपुर हैलट में रविवार को ब्लैक फंगस के दो और रोगी मिले। ब्लैक फंगस के शिकार नेहरूनगर निवासी युवक की एक आंख को ऑपरेशन कर निकाल दिया गया, साथ ही डॉक्टरों ने उसकी दूसरी आंख की रोशनी फंगस से बचा ली। इसके साथ ही ईएनटी विभाग के विशेषज्ञों ने महिला रोगी के साइनस की सर्जरी की।
डॉक्टरों का दावा है कि दवाएं समय से मिलने से रोगियों में सुधार हो रहा है। हैलट में भर्ती हुए दो रोगी शुरुआती लक्षण दिखते ही हैलट आ गए। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने आंख की जांच की तो पाया कि संक्रमण का असर आंखों में नहीं पहुंचा है। उनकी दवा शुरू कर दी गई है।
वहीं ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कनौजिया ने 55 वर्षीय ब्लैक फंगस की महिला रोगी की साइनस की सर्जरी की। हैलट में रविवार को 17 रोगी ब्लैक फंगस के भर्ती थे। इनमें तीन कोविड रोगियों का इलाज न्यूरो साइंसेस अस्पताल में चल रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि लोग जागरूक हो रहे हैं। जल्दी आने से समय से इलाज शुरू हो जा रहा है। हैलट में ब्लैक फंगस के रोगियों की एमआरआई समेत सभी जांचें और दवा निशुल्क हैं।
प्रयागराज को कानपुर से मिलेगी दवा
कानपुर। शासन ने आठ मंडलों में ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराने के इंतजाम कर दिए हैं। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि अभी तक नगर में कुल 21 ब्लैक फंगस के रोगी दर्ज हैं। प्रयागराज को कानपुर से जोड़ दिया गया है। प्रयागराज को कानपुर से ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराई जाएगी।