डॉ. नाजिया आलम, प्रदेश मंत्री, अल्पसंख्यक मोर्चा
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कानपुर: आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने तीन तलाक के मुद्दे को वोट बैंक में बदलने की रणनीति बनाई है। तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के जीवन में रोशनी लाने के लिए पार्टी नई मुहिम शुरू करने जा रही है। 13 नवंबर को इसकी शुरुआत कानपुर से होगी। इसके तहत हर जिले की तलाकशुदा महिलाओं का सर्वे किया जाएगा। उनकी संख्या का डाटा तैयार कर उसे केंद्र व प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा जिससे इन महिलाओं को लेकर सरकार कोई अच्छी और अस्थायी योजना बना सके। साथ ही इन महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की प्रदेश मंत्री डॉ. नाजिया आलम को इस अभियान का प्रभारी बनाया गया है। वह महानगर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। पार्टी ने तय किया है कि तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता दिलाने के लिए भी काम किया जाएगा। ऐसी सभी महिलाओं का नाम, पता, मोबाइल नंबर इकट्ठा किया जाएगा, जिससे उन्हें सरकार की योजनाओं और कानूनी जानकारियों की सूचना आसानी से दी जा सके। तलाकशुदा महिलाओं की बातें सुनने के लिए इन्हीं के बीच से हर जिले में एक तलाक प्रमुख बनाया जाएगा। पूरे प्रदेश में जिलों और क्षेत्रों को मिलाकर करीब 100 तलाक प्रमुख बनाने का फैसला लिया गया है।