सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के घर में भाजपा के खाता न खोल पाने से संघ नाराज है। इटावा जिले के कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अगले सप्ताह होने वाली समीक्षा बैठक में भितरघातियों की रिपोर्ट तैयार होगी। ऐसे लोगों को आगामी लोकसभा चुनाव से दूर रखा जा सकता है। साथ ही भविष्य में होेने वाले चुनाव में भी उनके करियर पर असर पड़ सकता है।
इटावा में पहली बार संघ का पथ संचलन हुआ
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सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के घर में 2014 के चुनाव में भाजपा को सफलता मिली। इसके बाद विधानसभा चुनाव में भी दो विधायक मिले। इससे संघ की बाछें खिल गईं। इटावा में पहली बार संघ का पथ संचलन हुआ। आसपास के जिलों का सात दिवसीय शिविर भी यहां लगा। सूत्रों की मानें तो संघ का टारगेट था कि नगर निकाय चुनाव में जिले की तीन नगर पालिका और तीन नगर पंचायतों में कम से कम दो-दो सीटों पर भगवाध्वज फहराएंगे।
भाजपा खाता तक नहीं खोल सकी
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टिकट बंटवारा भी इसी रणनीति के तहत किया गया। इतना ही नहीं पड़ोसी जिले के कुछ प्रचारक भी इटावा में उतारे गए थे, लेकिन शुक्रवार को घोषित चुनाव परिणाम में भाजपा खाता तक नहीं खोल सकी। दो नगर पालिका पर सपा का कब्जा बरकरार रहा तो एक पर निर्दल विजयी हुआ। इसी तरह नगर पंचायत में तीनोें निर्दल को सफलता मिली। ये सभी निर्दलीय मूलरूप से सपा के हैं।
निकाय चुनाव का नतीजा सिफर रहने से संघ ने सख्ती शुरू कर दी है
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जिले में भाजपा का एक सांसद, दो विधायक हैं। संगठनात्मक ढांचा मजबूत होने का दावा किया जाता रहा, लेकिन निकाय चुनाव का नतीजा सिफर रहने से संघ ने सख्ती शुरू कर दी है। इसका खामियाजा आगामी चुनावी समर में उतरने वालों को भी भुगतना पड़ सकता है। संघ का मानना था कि इटावा में बाजी मार लेते तो इसका संदेश पूरे प्रदेश में जाता, लेकिन इस मकसद में कामयाबी नहीं मिली।
माना गया कि संगठन के साथ ही कुछ अन्य वरिष्ठ नेता भी चुनाव से दूरी बनाए रखे
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शनिवार को संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच मंत्रणा हुआ। माना गया कि संगठन के साथ ही कुछ अन्य वरिष्ठ नेता भी चुनाव से दूरी बनाए रखे। टिकट वितरण से शुरू हुआ असंतोष अंतिम समय तक बना रहा। ऐसे में मतों की एकजुटता नहीं हो पाई। अब ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए अगले सप्ताह की बैठक में रणनीति तय की जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष महेश दुबे का कहना है कि निकाय चुनाव परिणाम की समीक्षा की जाएगा।
नहीं हुई समन्वय समिति की बैठक
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इटावा। प्रदेश में सरकार बनने के बाद संगठन एवं सरकार में तालमेल बना रहे, इसके लिए समन्वय समिति बनाई गई है। जिले के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं। सरकार बनने के आठ महीने बीतने को है। प्रभारी मंत्री के जिले के आधा दर्जन से अधिक दौरे भी हुए, लेकिन समिति की बैठक सिर्फ एक बार सरस्वती शिशु मंदिर मोतीझील में हुई। बैठक में सिर्फ औपचारिकता हुई। समय कम होने के कारण अगली बैठक में विचारणीय बिंदुओं पर चर्चा का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कोई बैठक ही नहीं हो सकी।