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UP: जातिगत समीकरण को साधकर बनाए गए भाजपा जिलाध्यक्ष, इनका रखा खास ध्यान; 2027 का रण जीतने की तैयारी

Mon, 17 Mar 2025 02:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

Bjp Jila Adhyaksh: कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र से घोषित 13 जिलाध्यक्षों में दो ब्राह्मण, दो ठाकुर, चार पिछड़ा एक महिला, दो वैश्य, दो दलित शामिल हैं। महानगर और देहात सहित सभी चार जिला इकाइयों में समाहित कर दिया गया है।
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शिवराम सिंह अपनी मां का आशीर्वाद लेते हुए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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BJP President: भाजपा जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा इस बार अप्रत्याशित देरी से हुई है। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। पहली और सबसे प्रमुख वजह यह मानी जा रही है कि इस बार चुने गए जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में ही 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाना है। 
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दूसरी बड़ी वजह यह है कि पिछले लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने पिछड़ा और दलित का गठजोड़ बनाते हुए भाजपा के कई दिग्गजों को धराशायी कर दिया था। विधानसभा चुनाव में ऐसा न होने पाए, इसलिए जिलाध्यक्षों के चयन में अनुसूचित और पिछड़ी जाति के फैक्टर पर गंभीरता से विचार किया गया। इसी जातिगत समीकरण को देखते हुए नए जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं।

कानपुर महानगर की तीन जिला इकाइयों और देहात को मिलाकर देखा जाए तो सभी जातिगत समीकरण इन्हीं जिला इकाइयों में नजर आ रहे हैं। उत्तर जिले में ब्राह्मण, दक्षिण में ठाकुर, ग्रामीण में अनुसूचित और देहात में पिछड़ी जाति को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी गई है। 
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पार्टियों के विधान के अनुरूप महिलाओं की जिम्मेदारी भी रखनी आवश्यक है, इसलिए पिछड़ी बिरादरी से महिला को जिम्मेदारी दे दी गई। देहात के आसपास की सभी विधानसभा और लोकसभा सीट पर पिछड़ी जातियों की संख्या अच्छी खासी है। 

महिला जिलाध्यक्ष बनाए जाने से मिलेगा लाभ!
महिला जिलाध्यक्ष बनाए जाने से माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में पार्टी को इसका लाभ मिल सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे सभी संगठन में अलग-अलग पदों पर लंबे समय से काम करते आ रहे हैं।

 

अभी चार जिलों में चुनाव होना बाकी
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के 13 जिलों के घोषित जिलाध्यक्षों को बिरादरी के हिसाब से देखा जाए तो चार पिछड़ा, दो ब्राह्मण, दो ठाकुर, दो दलित, एक महिला और दो वैश्य समुदाय से आते हैं। अभी चार जिलों में चुनाव होना बाकी है। 

 

बढ़ सकती है महिला और दलितों की संख्या
माना जा रहा है कि इन चार में महिला और दलितों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सभी जिलाध्यक्षों को बधाई देते हुए अपेक्षा की है कि वे पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय अध्यक्ष व सांसदों की हां में हां मिलाई और बन गई नई टीम
नए जिलाध्यक्षों का चयन आम सहमति के आधार पर तय करने के लिए क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल और क्षेत्रीय प्रभारी अनूप गुप्ता को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस काम में पार्टी के सांसदों के साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों की रजामंदी होने के बाद जिलावार नाम तय हो पाए।


 

बताया जा रहा है कि कुछ जिला इकाइयों में दावेदारों के नाम को लेकर कई विधायकों को एक पटरी पर लाने के लिए कई दौर की बातचीत चली। बताया जाता है कि सब कुछ होने के बाद प्रदेश प्रभारी की ओर से अध्यक्षों की सूची को बिरादरी और उस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या के हिसाब से तय करने के लिए कहा गया। 
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इसी वजह से घोषणा कुछ समय के लिए टल गई। इस बार दावेदारों की संख्या काफी अधिक रही, ऐसे में जिलाध्यक्षों की घोषणा को जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच किए जाने का फैसला लिया गया। कोशिश यह थी कि दावेदारों में किसी तरह का आक्रोश और नाराजगी न हो, क्योंकि आगे विधानसभा चुनाव है।
 
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