यूपी की गोविंद नगर विधानसभा सीट में सीएम योगी आदित्यनाथ खास दिलचस्पी ले रहे हैं। कानपुर यात्रा के दौरान योगी ने गोविंद नगर सीट पर हर हाल में जीत दर्ज करने के लिए पार्टी के नेताओं को आदेश दिए थे अब भाजपा ने एक और कार्ड खेल कर पहले ही अन्य विरोधी दलों को चित कर दिया है।
भाजपा ने गोविंदनगर सीट पर एक बार फिर ब्राह्मण चेहरा उतारकर यह साबित करने की कोशिश की है कि यह सीट ब्राह्मण बाहुल्य है। गोविंदनगर में वैसे पिछड़ी, अनुसूचित जाति के मतदाताओं के अलावा ठाकुर, मुस्लिम बिरादरी भी ठीक-ठाक संख्या में रहती है।
पीएम मोदी अखिलेश यादव सीएम योगी
पार्टी प्रत्याशी के सामने दूसरी जातियों के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ेगी। मैथानी लंबे समय से गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। लेकिन पिछली तीन बार से यह सीट सत्यदेव पचौरी की मानी जाती रही है।
मैथानी पहली बार विधानसभा चुनाव का चेहरा बने हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष के नाते उनकी पकड़ कार्यकर्ताओं में काफी है, इस वजह से उन्हें अच्छा प्रत्याशी बताया जा रहा है। भाजपा की तरह बसपा से भी देवी प्रसाद तिवारी के रूप में ब्राह्मण चेहरा चुनाव मैदान में उतारा गया है।
राहुल गांधी, मायावती, प्रियंका गांधी और सीएम योगी
ऐसे में भाजपा को ब्राह्मण फैक्टर पर बसपा से भी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। कांग्रेस से ठाकुर बिरादरी का प्रत्याशी उतारा गया है, इसलिए इस बिरादरी के बीच जाकर वोट काटने के लिए संगठन को रणनीति के तहत काम करना होगा। समाजवादी पार्टी ने पिछड़ी जाति यादव बिरादरी के कार्यकर्ता को अपना प्रत्याशी बनाया है।
ब्राह्मणों पर मेहरबान भाजपा
कानपुर-बुंदेलखंड की दो विधानसभा सीटों गोविंदनगर और मानिकपुर की सीट पर ब्राह्मण चेहरे को प्रत्याशी बनाया गया है। गोविंदनगर से पंडित सुरेंद्र मैथानी और मानिकपुर से आनंद शुक्ला का नाम शामिल है। मानिकपुर में इससे पहले आरके पटेल विधायक थे, उनके सांसद बनने से यह सीट खाली हुई थी। कानपुर के बगल लखनऊ की कैंट सीट पर भी उप चुनाव के लिए प्रत्याशी के रूप में सुरेश तिवारी को उतारकर भाजपा ने अपने ब्राह्मण प्रेम को उजागर किया है।