इस्तीफा देने की वजह बताते हुए अंशुल ने कहा कि अगर विकास ही मानक था तो 24 हजार करोड़ रुपया लगाने की और विकास को आखिरी पायदान से चौथे पायदान पर लाने की सजा मिली है। पार्टी से नाराजगी जाहिर करते हुए बोले कि सदन में मेरी उपस्थिती 95 प्रतिशत रही है, इसमें मेरा दोष कहा था यह समझ से परे है।