फर्रुखाबाद से बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत पर पत्नी और बच्चों को बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाने वाले शिकायतकर्ता की पत्नी ने मंगलवार को एएसपी के सामने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। महिला के बयान सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच अब और तेज कर दी है।
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फर्रुखाबाद का पड़ोसी जिला कासगंज सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला समस मजरा नगला खुशकरी की संध्या ने मंगलवार को एएसपी त्रिभुवन सिंह से पति द्वारा सांसद पर लगाए आरोप को निराधार बताया और कहा कि उसने नंदकिशोर के अलावा किसी दूसरे से शादी नहीं की है। वह पति के कृत्यों से भयभीत है। इस कारण उसके साथ नहीं रह रही है और न भविष्य में आना चाहती है। वह उसकी तथा पुत्री की हत्या कर सकता है। उसने कहा कि सांसद मुकेश राजपूत जिस समय जिला पंचायत अध्यक्ष थे, उस दौरान वह अपनी सास के साथ अपने पति की शिकायत करने गई थी। सांसद ने कई मौकों पर उसका सहयोग किया है।
9 फरवरी 2000 को नंदकिशोर से हुई थी शादी
संध्या और नंदकिशोर
एएसपी को दिए शिकायती पत्र में संध्या ने बताया कि उसकी शादी 9 फरवरी 2000 को फर्रुखाबाद जिले के लिंजीगंज निवासी नंदकिशोर से हुई थी। आरोप लगाया कि नंदकिशोर शराबी था। सट्टा, जुआ के चक्कर में उसके जेवर बेच दिए। मना करने पर उसे पीटता था। परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर पति ने वेश्यावृत्ति करने का दबाव बनाया। संध्या ने स्कूल में नौकरी कर ली। वेतन का पैसा पति छीन लेता। उसने पुत्री और उसे केरोसिन डालकर जलाने का भी प्रयास किया। सास व पड़ोसियों ने उसे बचाया। इसके बाद उसे धक्का मारकर घर से निकाल दिया। वह माता-पिता के साथ बड़ी बहन के यहां दिल्ली चली गई और वहीं नौकरी करके अपना व पुत्री का भरण-पोषण कर रही है। संध्या ने नंदकिशोर पर बड़े भाई नागेंद्र की हत्या करने का आरोप भी लगाया। जिसपर एएसपी ने जांच के लिए शिकायती पत्र क्षेत्राधिकारी नगर को सौैंप दिया।
ये था पूरा मामला
सांसद मुकेश राजपूत
17 अगस्त को फर्रुखाबाद के नंदकिशोर ने भाजपा सांसद मुकेश राजपूत पर अपनी पत्नी व नाबालिग पुत्री को रखने का आरोप लगाया था। दोनों को सांसद से मुक्त कराने की गुहार कलक्ट्रेट में प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से लगाई। उन्होंने जांच कर कार्रवाई कराने की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी है। समीक्षा बैठक के बाद जाते समय लिंजीगंज निवासी नंद किशोर राजपूत प्रमुख सचिव के पैरों पर गिर पड़ा था। पुलिस अधीक्षक को संबोधित शिकायती पत्र में उनको दिया। पत्र के मुताबिक उसकी शादी कासगंज जिले के थाना नगला खुशकरी निवासी संध्या के साथ 9 फरवरी 2000 को हुई थी। 2001 में उसके एक बेटी पैदा हुई। वह छपाई मजदूरी का काम करने के कारण घर पर नहीं रह पाता था। वर्ष 2006 में घर पहुंचा तो पता चला कि पत्नी बेटी को साथ लेकर चली गई। तब पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।
बेटी की मौत होने की बात बताई
शिकायत दर्ज कराने पहुंचा नंद किशोर (पुरानी फोटो)
नंद किशोर का आरोप था कि दो महीने बाद सांसद मुकेश राजपूत ने उसे बुलाया और बेटी की मौत होने की बात बताई। उससे कहा कि वह संध्या से तलाक ले ले। बाद में जब उसे बेटी के जीवित होने की बात पता चली तो वह उसे लेने सांसद के घर गया। तब उन्होंने गालीगलौज कर उसे भगा दिया। अब उसे पता चला है कि सांसद ने उसकी पत्नी के साथ दूसरी शादी कर ली है। लखनऊ व दिल्ली में वह उनकी पत्नी के रूप में नाम बदलकर रह रही है। उससे उन्हें एक बेटी भी पैदा हुई है। उसे सांसद के साथ उसकी पत्नी व नाबालिग बेटी के होने का फोटो भी मिला जिसे सबूत के तौर पर उसने पुलिस को सौंपा गया।
डीएनए टेस्ट कराए जाने की हुई थी मांग
शिकायत दर्ज कराने पहुंचा नंद किशोर (पुरानी फोटो)
आरोपों को सही साबित कराने के लिए नंदकिशोर ने सभी का डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। उसने पत्नी व बेटी को सांसद के चंगुल से न छुड़ाए जाने व कानूनी कार्रवाई न होने पर संसद भवन के सामने आत्मदाह के लिए बाध्य होने की बात भी कही थी। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर कोतवाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
सांसद मुकेश राजपूत प्रेसवार्ता के दौरान ली गई तस्वीर (पुरानी फोटो)
इस मुद्दे पर 17 अगस्त को ही बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत ने अपने ठंडी सड़क पर स्थित आवास पर प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने कहा था कि उन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में उनके प्रत्याशी को हराने के लिए विरोधियों ने यह साजिश रची है। जांच में सच सामने आ जाएगा।