रविवार रात सीबीआई ने जून 2017 में किशोरी का अपहरण कर गैंगरेप और उसे औरैया में बंधक बनाकर रखने और आगरा में बेचने के प्रयास के मुकदमे में जमानत पर छूटे एक आरोपी को कानपुर देहात से गिरफ्तार किया है। हालांकि सीबीआई ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अगले एक-दो दिनों में किशोरी के पिता के खिलाफ मारपीट व आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने वाले उसके (किशोरी के) चचेरे चाचा टिंकू सिंह को खोज निकालने के प्रयास में है। टिंकू सिंह सीबीआई के लिए पूरे प्रकरण की जांच में अहम कड़ी साबित होगा। सूत्रों के मुताबिक टिंकू की तलाश में सीबीआई की टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। सीबीआई आरोपी विधायक के करीबियों पर भी नजर रख रही है।
सर्विलांस टीम ने करीबी लोगों और पुलिस कर्मियों को निशाने पर लिया है। सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप की गिरफ्तारी के बाद विधायक के करीबियों में खलबली मच गई है। सीबीआई की एक टीम पिछले कई दिनों से काल डेटा रिकार्ड खंगाल रही है। इनमें विधायक के दो गनर, उनके दो निजी चालक, चार सहयोगियों के अलावा इसी मामले में निलंबित सफीपुर सीओ कुंवर बहादुर सिंह, माखी एसओ अशोक भदौरिया, हल्का इंचार्ज केपी सिंह, हेड कांस्टेबल रामराज शुक्ला, कांस्टेबल लक्ष्य कुमार, अशोक सेन, मोहित कुमार और माखी में 2017 में तैनात रहे दरोगा अजय राजावत (सफीपुर कोतवाली से निलंबित) भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक में 2017 में जिले में तैनात रहीं तत्कालीन एसपी नेहा पांडेय और निवर्तमान एसपी पुष्पांजलि, सीएमओ, जेल अधीक्षक व अन्य अधिकारियों, जिला अस्पताल के डाक्टरों से भी पूछताछ करेगी।