चित्रकूट जिले के रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भाजपा नेताओं द्वारा असलहे लहराकर डॉक्टर व स्टाफ को जान से मारने की धमकी देने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के दौरान शनिवार को डायरिया पीड़ित एक मासूम की इलाज न मिलने से मौत हो गई। सैकड़ों मरीज बिना इलाज के लौट गए। डॉक्टर व स्टाफ भाजपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं जबकि भाजपा नेताओं का कहना कि मरीजों का इलाज न करने की शिकायत पर आपत्ति जताने गए तो स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता की है। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों से रैपुरा थाने में तहरीर दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी किसी भी पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
शनिवार की सुबह रैपुरा के दो साल के मासूम दद्दू को लेकर परिजन सीएचसी रामनगर पहुंचे तो वहां ताला लटका था। आसपास मौजूद कुछ स्टाफ से बच्चे का इलाज करने की गुहार लगाते रहे पर हड़ताल के कारण इलाज नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। इसके अलावा देउंधा निवासी अनीता देवी, रेरूवा निवासी माया, राजा, लौधरा निवासी मैकी, इलाज रामनगर निवासी पूनम, अमवा निवासी मुन्नू प्रसाद व उसकी पुत्री साक्षी देवी भी हड़ताल के कारण इलाज न हो पाने से अस्पताल परिसर से लौट गए। मरीजों का इलाज न होने से रामनगर क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है।
सीएचसी प्रभारी डा. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि दरअसल यह मामला बृहस्पतिवार से शुरू हुआ था। बल्हौरा गांव की महिला समरिया के पुत्र ननका के इलाज को लेकर अस्पताल परिसर में भाजपा नेताओं ने हंगामा किया था। आरोप लगाया कि रामनगर ब्लॉक प्रमुख व भाजपा नेता बालमुकुंद, अर्जुन शुक्ला, रामेश्वर शुक्ला, सतीश द्विवेदी अपने दो साथियों के साथ अस्पताल आए और असलहे लहराते हुए डॉक्टर व स्टाफ के साथ गाली गलौज शुरू कर दी। अस्पताल के कई सरकारी कागजात फाड़ डाले।
मौके पर मौजूद डॉक्टरों व कर्मचारियों ने जमकर विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी गई। फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राधेश्याम सिंह ने भी भाजपा नेताओं की धमकी का विरोध कर हड़ताल करने को कहा। सीएचसी प्रभारी ने रैपुरा थाने में इन नेताओं के नाम सहित तहरीर दी है। आरोपी भाजपा नेताओं के साथ रामनगर ब्लॉक प्रमुख बाल मुकुंद ने स्टाफ के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि डॉक्टर व स्टाफ मरीजों का इलाज नहीं करते। इसकी शिकायत पर वे सभी गए थे। उल्टे स्टाफ ने ही उनके साथ अभद्रता की है। जिसकी जानकारी सीएमओ को भी दी गई है। इस घटना का विरोध किया गया है। इसकी थाने में तहरीर दी गई है।
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि तहरीर दोनों पक्षों की मिली है लेकिन अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। इसके बाद से रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्य करने वाले डॉक्टरों व कर्मचारियों ने कार्य करना बंद कर दिया है। डॉक्टर व स्टाफ अपनी जिद पर अड़ा है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह हड़ताल पर रहेंगे।