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Kanpur Audio Case: सपा नेता से BJP नेता की बदसलूकी…दो ऑडियो हैं वायरल, नसीम बोलीं- तुम्हारी चिता न जलवा दूं

Fri, 10 Jan 2025 06:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: विधायक नसीम ने बताया कि बार-बार फोन करके परेशान करना और अपमानजनक बातें करना गलत है। इस संबंध में अपने अधिवक्ता से मशविरा किया है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र देंगे। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को भी इस संबंध में सूचित करेंगे।
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Kanpur Audio Case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न पर हाल ही में जीतकर आईं महिला विधायक नसीम सोलंकी का तथाकथित भाजपा नेता धीरज चड्ढा ने दूसरी बार अपमान किया है। तथाकथित भाजपाई और विधायक के बीच बातचीत के दो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें उसने महिला विधायक से अभद्र भाषा में बात की है।

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जन प्रतिनिधि से असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का धीरज चड्ढा का दो ऑडियो वायरल हो रहे हैं। इससे पहले भी एक आडियो वायरल हुआ था। इसमें धीरज ने नसीम सोलंकी से अभद्र भाषा में बात की थी। तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। सपाइयों का कहना है कि जिस दिन शहर में महिला विधायकों का सम्मेलन हो रहा था और महिला सम्मान की बात हो रही थी।

बातचीत में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल
उसी दौरान विधायक सोलंकी के साथ अभद्र व्यवहार का ये ऑडियो वायरल हुए हैं। ऑडियो में धीरज ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। साथ ही विधायक नसीम से बातचीत में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया। इसमें वनखंडेश्वर मंदिर में जल चढ़ाने की बात उठाने के बाद अलाव को मुद्दा बनाया गया। इसके साथ ही सपा मुखिया को भी बीच-बीच में लाया गया।

सपाई बोले-  यह भाजपा की कार्यशैली का उदाहरण
विधायक नसीम ने बताया कि बार-बार फोन करके परेशान करना और अपमानजनक बातें करना गलत है। इस संबंध में अपने अधिवक्ता से मशविरा किया है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र देंगे। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को भी इस संबंध में सूचित करेंगे। उधर, सपाइयों ने इस पर आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि यह भाजपा की कार्यशैली का उदाहरण है। भाजपा के पदाधिकारी धीरज चड्ढा के भाजपा का सदस्य होने से इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि विधायक को धमकाने की हिम्मत रखने वाले को किसका संरक्षण प्राप्त है।

भाजपा का असली चरित्र यही है। जिस दिन महिला सम्मेलन हो रहा था, उसी दिन यह अपमानजनक ऑडियो भी आया है। भाजपा का महिला सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं है। शासन, प्रशासन संज्ञान नहीं ले रहा। प्रशासन से संज्ञान नहीं लिया तो सपाई अपने स्तर से देखेंगे।  -अमिताभ बाजपेई, सपा विधायक, आर्यनगर

इस मामले में तुरंत कार्रवाई होना चाहिए। जब पुलिस रील्स जैसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई कर देती है तो यह तो गंभीर मामला है, इसमें कार्रवाई करनी चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक के खिलाफ असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया है।  -मुनींद्र शुक्ला, पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष सपा ग्रामीण

फिर कोई बात की है क्या? इस संबंध में जानकारी नहीं है। ऑडियो हमने नहीं सुना है। इस संबंध में जानकारी लेंगे।  -प्रकाश पाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा

धीरज चड्ढा भाजपा का सक्रिय सदस्य नहीं है। मैं डेढ़ साल से जिलाध्यक्ष हूं, उससे कभी भेंट नहीं हुई। संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। जब पहली बार ऑडियो जारी हुआ था, तभी नाम सुना था। पहले कोई साबित करे कि वह भाजपा का सदस्य है।  -दीपू पांडे, जिलाध्यक्ष भाजपा

मामले की जांच एडीसीपी सेंट्रल राजेश श्रीवास्तव को दी गई है। अभी तक वीडियो में अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले की पुष्टि भाजपा नेता के रूप में नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।  -हरीश चंदर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, कानून व्यवस्था

अलाव नहीं जलवा रही...तुम्हें पीटूंगा; नसीम का जवाब- तुम्हारी चिता न जलवा दूं
खुद को भाजपा नेता कहने वाले धीरज चड्ढा और विधायक के बीच बातचीत के ऑडियो को जस का तस हम आपके सामने पेश कर रहे हैं।

रिकॉर्डिंग–1

धीरज चड्ढा: नमस्कार बहन…धीरज चड्ढा बोल रहा हूं स्वरूप नगर से।
नसीम सोलंकी: जी बताएं…?
बहन ये बताइए कोर्ट से आपको नोटिस गया। इसके बाद आप हाजिर नहीं हो रही हैं। चलिए ये तो सेकेंड बात है, आपके क्षेत्र की जनता आप तो मंदिर गईं पूजन करने और आपके क्षेत्र में अलाव नहीं जल रहा आप विधायिका हैं। कम से कम कुछ अलाव-वलाव तो जलवाइए।
नसीम सोलंकी: बहुत जगह जल रहा है।
धीरज चड्ढा: कहां आपके घर में जल रहा है।
नसीम सोलंकी: तमीज से बात करो।
धीरज चड्ढा: तमीज से आप बात करिए मोहतरमा,
नसीम सोलंकी: हमें फोन ही क्यों करते हो…?
धीरज चड्ढा: अरे हम इसीलिए फोन करते हैं कि आप जैसे दोगले लोगों ने सारा भ्रष्ट कर दिया है। जनता के बीच त्राही-त्राहि मची हुई है। कल मैं सौ कंबल बांटकर आया हूं। सब लोग रो रहे हैं अलाव के लिए, घर में अलाव जलवा रही हैं आप।
नसीम सोलंकी: बहुत तमीज से बात करना।
धीरज चड्ढा: क्या तमीज से बात करना, आप हैं कौन जो तमीज से बात करें हम।
नसीम सोलंकी: पागल-आगल हो क्या बे, पागल हो गया…?
धीरज चड्ढा: ये बे शब्द यूज कर रही है।
नसीम सोलंकी: हमसे बहुत तमीज से बात करना,
धीरज चड्ढा: आपसे उम्मीद भी यही है कि बे शब्द का इस्तेमाल करें।
नसीम सोलंकी: हमसे बहुत तमीज से बात करना। तुम बहुत ज्यादा बत्तमीज आदमी हो, तुम बहुत ज्यादा बत्तमीज आदमी हो। तुम काहे फोन करते हो बे…।
धीरज चड्ढा: अरे क्यों नहीं फोन करेंगे। कोई दिक्कत होगी तो फोन नहीं करेंगे, मंदिर तो चली गई थी वोट लेने के लिए। अब अलाव जलवाने में क्या दिक्कत आ रही है।
नसीम सोलंकी: बहुत जगह अलाव जल रहा है।
धीरज चड्ढा: पार्षद आपके क्षेत्र का अलाव को लेकर परेशान है, जनता की बीच त्राहिमाम मचा हुआ है।
नसीम सोलंकी: अलाव बहुत जगह जल रहा है, अपनी परेशानी बताओ हम उसका हल निकालेंगे।
धीरज: पांच दिन से सूरज निकल नहीं रहा है, जनता परेशान है।
नसीम: कहां अलाव जलवाना है बताओ तो…?
धीरज: मंदिर जाकर विधायक बन गई हो तुम लोगों को बेवकूफ बनाकर।
नसीम: तुम्हें तकलीफ हो रही है क्या, तुमने तो हमे वोट दिया नहीं था। फिर क्यों परेशान हो।
धीरज: तुम्हें वोट देंगे, हम कभी किसी मुसलमान को वोट नहीं देंगे। तुम बहुत बत्तमीज हो तुम्हारा पूरा परिवार बत्तमीज है। मंदिर क्यों गई थीं अब अलाव जलवाओ और जगह-जगह कंबल बंटवाओ। क्या कर रही हो घर में बैठकर, अपने घर में अलाव जलवा रही हो। विधायक निधि का पैसा लेकर क्या अलाव अपने घर जाजमऊ में जलवा रही हो।
नसीम: अलाव नहीं, तुम्हारी चिता जलवा दें बेवकूफ आदमी।
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रिकॉर्डिंग-2

धीरज: हैलो…हैलो बहन, हैलो
नसीम सोलंकी: बताएं…।
धीरज: बहन अभी हम अपनी रिकॉर्डिंग सुन रहे थे तुमने कहा कि हम तुम्हारी चिता जलवा देंगे।
नसीम सोलंकी: तुम मेरी क्या कब्र खुदवा दोगे।
धीरज: हम तुम्हें जूतों से मारेंगे समझ गईं। तुम मेरी चिता जलवाओगी, मुझे मरवाओगी, आदमी लगवाकर मरवाने का प्रयास कर रही हो।
नसीम सोलंकी: अच्छा।
धीरज: तुम्हारा तो अच्छा हो गया। अपने उस टोटी चोर अखिलेश यादव का बता देना, धीरज चड्ढा स्वरूप नगर से गंदगी मत करो।
नसीम सोलंकी: पागल आदमी हो गया…?
धीरज: पागल तो हमें तुम लग रही हो। तुम हमें साइको लग रही हो, पागल तो छोड़ दो, तुम साइको हो।
नसीम सोलंकी: एक काम करो, मेरे पास आओ हम तुम्हारा कहीं इलाज करवा दें।
धीरज: अरे यार तुम सजा याफ्ता मुजरिम इरफान सोलंकी का इलाज कराओ पहले, जो सजा काट रहा है। चिरकुट टोटी चोर का साथी, तुम मेरा इलाज न कराओ।
नसीम सोलंकी: हम लोगों के परिवार से क्या तकलीफ है तुम्हें।
धीरज: तकलीफ कुछ नहीं है, तुमने हमसे कहा कि तुम मेरी चिता जलवाओगी। इतनी अवकात है तुम्हारी।
नसीम सोलंकी: आह्ह..।
धीरज: तुम्हारे लिए तो ओह माई गॉर्ड हो गया।
नसीम सोलंकी: नहीं, तुम तो कह रहे हो कि हमारे यहां अलाव नहीं जल रहा है, हमने कहा कहां, कहां अलाव जलवाना है तुम बताओ तो,
धीरज: तुम कहां-कहां जलवाओगी अलाव। डिफेंस कॉलोनी में अलाव जलवाकर मौज ले रही हो। हमसे फालतू की बात कर रही हो। शटअप, शटअप…। यू आर आलवेज बत्तमीज लेडी।
नसीम सोलंकी: तुम हमको धमकी दोगे।
धीरज: हम धमकी नहीं दे रहे तुमसे अलाव जलवाने को कहा, हमारा मतलब है कि क्षेत्र में अलाव जलवाओ,
नसीम सोलंकी: हमने कहा तो कहां-कहां अलाव जलवाना है बताओ तो…।
धीरज: तुमने क्षेत्र देखा है, बनखंडेश्वर मंदिर चौराहा से लेकर जहां तक हिन्दू आबादी वाला एरिया है वहां कहीं अलाव जलवाया आपने।
नसीम सोलंकी: हां हर जगह जला है। अगर तुम्हारे पास कोई प्वाइंट हो तो बता दो, हम वहां पर अलाव जलवा दें। क्या दिक्कत है। हम तो पूरे क्षेत्र के विधायक हैं।
धीरज: अरे पूरे क्षेत्र की विधायक बनी नहीं हो, नपुंसकों ने तुम्हें विधायक बनवा दिया है। तुम्हीं बड़ी अम्मा बनी घूम रही हो अरे…।
धीरज: शर्म तुम्हें नहीं आती है, तुम मेरी चिता जलवाओगी।
नसीम सोलंकी: तुम जब जाओगे दुनिया से तो कोई न कोई तो तुम्हारी चिता में आग लगाएगा। तुम अच्छा परिवार के आदमी लग रहे तो लेकिन इतनी बत्तमीजी क्यों कर रहे हो।
धीरज: तुम्हारे अखिलेश यादव को इतनी हैसियत है, हिन्दुओं की तुम हिन्दुओं की चिता जलवाओगी। जलाओ आकर चिता, मैं आता हूं अभी तुम्हारे घर। जलाओ मेरी चिता तुम।
नसीम सोलंकी: तुम इतने तमीज नहीं है महिलाओं से कैसे बात करते हैं। तुम मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए इतनी बत्तमीजी से क्यों बात कर रहे हो।
धीरज: तुम्हारे राष्ट्रीय अध्यक्ष क्या उखाड़ लेंगे मेरा। क्या उखाड़ लेंगे, जाओ विधानसभा में उठा देना मुद्दा।
नसीम सोलंकी: तुमको होश है, किससे बात कर रहे हो…?
धीरज: शटअप, शटअप, तुमसे बात कर रहा हूं। नसीम सोलंकी वर्सेज इरफान सोलंकी सजा याफ्ता मुजरिम से बात कर रहा हूं। तुम मेरी चिता जलवाओगी, तुम मेरी चिता जलवाओगी बत्तमीज औरत। एक–एक हिन्दू की चिता जलवा, आ रहे हैं तुम्हारे दरवाजे पर अभी।
नसीम सोलंकी: तुम्हारे लिए तो मेरे को बहन कहना ही बड़े अपमान की बात है। तुम बहन कहकर हमसे बत्तमीजी कर रहे हो।
धीरज: तुम्हारे जैसी महिला को बहन कहना हमारे लिए अपमान है, लेकिन हम हिन्दू लोग हैं। हम हर जाति के लोगों को मां, बहन बेटी के रूप में देखते हैं। तुमसे बात करना मेरे लिए गुनाह है। जो तुम्हारा अल्लाह तुम्हें सिखाता है।
नसीम सोलंकी: तुम मुझे फोन क्यों कर रहे हो…?
धीरज: करेंगे, तुम्हें पांच सौ बार फोन करेंगे तू है क्या,
नसीम सोलंकी:तुम हमें परेशान करोगे फोन करके।
धीरज: तुम हमारी जनता को परेशान कर रही हो। हे भगवान, हे भगवान ये क्या कर रही हो तुम, क्षेत्र में अलाव नहीं जल रहा है। तुम सिर्फ अपने घर में अलाव जलवा रही हो। अब तुम कमिश्नर के पास जाओ और लिखवाओ मेरे खिलाफ मुकदमा और बताना कि मुझे चिता पर जलाने की धमकी दी है। यू शटअप…।
नसीम सोलंकी:तुम्हें कमिश्नर साहब का भी डर नहीं है क्या…?
धीरज: मुझे किसी का डर नहीं है, पूरे हिन्दुस्तान में किसी का डर नहीं है। मैं हिन्दू हूं। मैं जान दे दूंगा, लेकिन तेरे जैसे लोगों को मक्कारी नहीं करने दूंगा।
नसीम सोलंकी: मैं जाऊंगी सबसे पहले तो कमिश्नर साहब के पास तुम्हारे खिलाफ शिकायत लेकर।
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