भाजपा आलाकमान को कई जिलाध्यक्षों की घोषणा करनी है। इससे पहले ही भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पार्टी के ही कुछ नेताओं के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। उनके ऊपर पार्टी फंड के नाम पर 50 लाख रुपये लेने का आरोप पूर्व क्षेत्रीय मंत्री अजीत गुप्ता ने लगाया है। यह दिसंबर 2024 का लिखा पत्र अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसके बाद से पार्टी के अंदर खलबली मची हुई है। वहीं, जिलाध्यक्ष मानहानि का नोटिस दिए जाने की बात कह रहे हैं।
भाजपा से कानपुर बुंदेलखंंड क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री रहे बांदा निवासी अजीत गुप्ता ने भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को 10 दिसंबर को पत्र लिखा। उसके माध्यम से जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल पर आरोप लगाया कि संगठन में बड़ा पद दिलाने के लिए पार्टी फंड में पैसा जमा करने के नाम पर 50 लाख रुपये लिए हैं, लेकिन पैसा संगठन के कोष में जमा नहीं किया गया। उन्होंने पत्र में बुंदेलखंड, कानपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के नाम का भी जिक्र किया है।
लिखा है कि क्षेत्रीय अध्यक्ष के माध्यम से फंड में धनराशि जमा करने की बात कही गई थी। ये पत्र शुक्रवार शाम सोशल मीडिया के कई माध्यम में तेजी से वायरल हो रहा है। इसके जारी होने के राजनैतिक कई मायने लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया पूरी करके जल्द नए अध्यक्ष की घोषणा होनी है। इस सियासत के चलते पत्र को जारी करके जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को दोबारा पद में बैठाने से रोकना है। इस पत्र के वायरल होने से प्रदेश स्तर पर हलचल बढ़ गई है। जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल भी अपनी सफाई दे रहे हैं। इससे उनकी अध्यक्षी भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि राजनैतिक षड़यंत्र के तहत छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। वे कानूनी नोटिस देकर मानिहानि का दावा करेंगे।