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लोकसभा चुनाव 2019 में सोशल मीडिया पर भाजपा-कांग्रेस की टक्कर, पीएम मोदी-राहुल गांधी के लिए वोटिंग

Fri, 12 Apr 2019 03:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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राहुल गांधी, पीएम मोदी
कानपुर और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को चुनाव होना है लेकिन इसके पहले ही फेसबुक और ट्विटर पर खूब ऑनलाइन वोटिंग हो रही है। इनके नतीजों में दोनों सीटों में कांग्रेस और भाजपा की सीधी टक्कर दिखाई दे रही है। जबकि गठबंधन प्रत्याशी तीसरे पर दिखाया जा रहा है। हालांकि फेसबुक पोलिंग का दायरा आपकी फ्रेंड लिस्ट तक या पेज के यूजर तक ही सीमित है।
 
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राहुल गांधी
11 मार्च के बाद से वोटिंग का क्रेज अचानक बढ़ा है। मोदी बनाम राहुल के बाद अब प्रत्याशियों के बीच भी खूब वोटिंग चल रही है। बलराम नाम के शख्स ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री पद के लिए वोटिंग कराई थी। जिसमें नरेंद्र मोदी राहुल गांधी और मायावती से काफी आगे हैं। इसी तरह वीनस गुप्ता ने हैलो कानपुर ग्रुप में वोटिंग गराई जिसमें 1500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।

 
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श्रीप्रकाश जायसवाल-सत्यदेव पचौरी
इसमें 80 प्रतिशत लोगों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के लिए वोट दिया जबकि शेष बीस लोगों ने राहुल गांधी के पक्ष में अपना मत दिया। ट्विटर पर हो रही ऑनलाइन वोटिंग में श्रीप्रकाश जायसवाल सत्यदेव पचौरी को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं। अब्दुल नाम के यूजर के ऑनलाइन वोटिंग में श्रीप्रकाश को 70 प्रतिशत मत मिले जबकि सत्यदेव पचौरी को तीस प्रतिशत मत।

 

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श्रीप्रकाश जायसवाल - फोटो : अमर उजाला
मिहिका जैन नाम की यूजर ने वोटिंग कराई जिसमें सत्यदेव पचौरी 80 प्रतिशत व शेष बीस प्रतिशत श्रीप्रकाश को पसंद कर रहे हैं। मो.वसीम की वोटिंग में 90 प्रतिशत श्रीप्रकाश और 10 प्रतिशत सत्यदेव पचौरी के लिए वोट हुए हैं। फेसबुक यूजर अपने कमेंट बॉक्स में जाएंगे तो वहां पोल ऑप्शन आएगा। ऑप्शन क्लिक करते ही ‘प्रश्न पूछें’ पर प्रश्न लिखें और विकल्प चुने।

 
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नामांकन के लिए जाते भाजपा प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
उदाहरण मोदी बनाम राहुल। इसके बाद आपकी वॉल पर प्रश्न समेत पोल दिखने लगेगा। जितने लोग अपना ऑप्शन चुनेंगे उसका परसेंटेज घटता-बढ़ता जाएगा। प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप पर कई फैंस ग्रुप और पेज बन गए हैं। क्योंकि प्रत्याशी के पेज पर चुनाव आयोग की नजर रहती है। ऐसे में फैंस पेज के जरिए वोटरों को रिझाने का काम चल रहा है।
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