रनियां। पश्चिम एशिया संकट दूर नहीं होने से सड़क बनाने का काम प्रभावित हो रहा है। सरवनखेड़ा-रनियां मार्ग अन्य जिला मार्ग की सड़क का नवीनीकरण भी बिटुमिन न मिलने से अटका है। इसके कारण वाहन सवार हिचकोले भरते सफर कर रहे हैं।
नवीनीकरण योजना में रनियां-सरवनखेड़ा मार्ग की सड़क बनाई जानी है। इसी मार्ग पर तीन विद्यालयों के करीब ब्रेकर नहीं बने हैं। हर दिन करीब एक हजार वाहनों की आवाजाही का औसत है। वाहन तेज रफ्तार से निकलते हैं तो दुर्घटना का खतरा बना है। सड़क की लंबाई करीब सात किलोमीटर है। इसी किनारे करीब 10 फैक्ट्रियां संचालित हैं। माल वाहक वाहनों के चलते सड़क कई जगह पूरी तरह से उखड़ गई है। बीच-बीच में गड्ढे हो गए है। सड़क से आने-जाने वाले वाहन सवारों को परेशानी उठानी पड़ती है।
जरीहा, अहमदपुर स्योदा, कटका, गोपीपुर, पामा, करसा, नाही जूनिया, हृदयपुर, सूरजपुर होते हुए सरवनखेड़ा जाने के लिए यह मार्ग अहम है। मार्ग नवीनीकरण का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद बजट भी मिल चुका है। हालांकि बिटुमिन न मिलने से मार्ग नवीनीकरण का कार्य अटका हुआ है। हृदयपुर निवासी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि अतिव्यस्त मार्ग होने पर भी कहीं ब्रेकर नहीं बना है। इसमें बाइक सवार तेज फर्राटा भरते है। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। पिछले सप्ताह गेहूं लदा ट्रैक्टर पलट गया था। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। लोक निर्माण विभााग के अवर अभियंता बुद्धविलास ने बताया कि सड़क बनाने के लिए ठेकेदार चयन हो चुका है। पश्चिम एशिया संकट के चलते बिटुमिन मिलने में दिक्कत है।