फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिठूर महोत्सव: कवियों के अंदाज-ए- बयां पर श्रोताओं ने जमकर बजाईं तालियां

Sat, 22 Mar 2025 11:19 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिठूर महोत्सव में कवियों के अंदाज-ए- बयां पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। रामायण का संगीतमयी नाट्य भी रूपांतरण प्रस्तुत किया गया।
 
विज्ञापन
बिठूर महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिठूर महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को सुप्रसिद्ध कवियों ने एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। आतंकियों से लड़ने वाला मुझे शक्तिमान बना लो, मुझको अपना राम बनाकर जनता को हनुमान बना लो। मशहूर कवि डॉ. हरिओम पंवार ने यह पंक्तियां प्रस्तुत कीं तो लोग सोचने पर मजबूर हो गए।
विज्ञापन


आंबेडकरनगर से आए कवि अभय निर्भीक ने वीर रस पर कविता सुनाई, 370 हटा दिया अब पीओके की बारी है, कान खोलकर दुनियां जनता का आह्नवान सुनो, टुकड़े टुकड़े गैंग के लोगों तुम भी ध्यान से सुनो, भारत माता का हरगिज सम्मान नही खोने देंगे। लाइनें सुनकर पूरा पांडाल भारत माता की जय के उद्घोष से गूंज उठा। दिल्ली से आएं डॉ. प्रवीण शुक्ल ने तू ही मेरी एफबी, तू ही मेरी इंस्टा है सुनाकर लोगों को हंसाया। शबीना अदीब ने अंधेरे की हर एक साजिश यहां नाकाम हो जाए, उजाले हर तरफ हो रोशनी का नाम हो जाए... पंक्तियां सुनाईं।

कवि शिवशरण सिंह बंधु ने बहुत उम्मीद करने से उम्मीद टूट जाती है, चलते-चलते लोग सफर हो जाते हैं, जिधर बनी सरकार उधर हो जाते हैं... सुनाकर गुदगुदाया। हेमंत पांडेय ने मेरठ की घटना का कटाक्ष करते हुए सुनाया कि ये महिलाएं हमें सदैव भ्रम में डाल देती हैं, मूड ठीक हो तो रखती हैं ये दिल में और खराब हो तो ड्रम में डाल देती हैं। शबीना अदीब ने सुनाया अंधेरों की हर एक साजिश नाकाम हो जाए उजाले हर तरफ हो रोशनी का नाम हो जाए। मुकेश श्रीवास्तव ने कविता सुनाई। इस बीच तेज बारिश की वजह से कवि सम्मेलन रोकना पड़ा। कुछ समय बाद फिर से कवियों ने कविता पाठ किया।
विज्ञापन

जब मेरे शरीर में रक्त की बूंद हैं, मैं लड़ूंगी...
कह दो फिरंगियों से जब तक मेरे शरीर में रक्त की बूंद है, मैं लड़ूंगी। जैसे ही रामजानकी इंटर काॅलेज बिठूर के बच्चों ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित लघु नृत्य नाटिका में इस संवाद का मंचन किया, पांडाल में रानी लक्ष्मीबाई अमर रहे के नारे से गूंज उठा। इसके अलावा महोत्सव में हुए क्विज में सन बीम इंग्लिश स्कूल के उज्ज्वल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मिर्जापुर साढ़ कंपाेजिट विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय बिठूर के बच्चों ने कविता पाठ किया। कंपोजिट विद्यालय रमईपुर के बच्चों ने योग शो किया। इस मौके पर विधायक अभिजीत सिंह सांगा, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ दीक्षा जैन, एडीएम वित्त राजेश सिंह, गोल्डन बाबा, वैभव दीक्षित आदि मौजूद रहे।

 

संगीतमयी नाट्य रूपांतरण - फोटो : अमर उजाला
रामायण का संगीतमयी नाट्य रूपांतरण
रामायण का संगीतमयी नाट्य रूपांतरण किया प्रस्तुत श्री राम कला केंद्र दिल्ली के कलाकारों ने रामायण का संगीतमयी नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में भगवान राम के जन्म से लेकर सीता अपहरण और रावण वध पर मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम का अभिनय राजकुमार शर्मा, माता सीता का अभिनय प्रेरणा और रावण का अभिनय विशाल ने किया।



 
विज्ञापन

पहिचान तो गए हुइहो...
बिठूर महोत्सव के दूसरे दिन रिमझिम फुहारों के बीच टीवी और हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ने अपने हास्य व्यंग्यों से लोगों को जमकर गुदगुदाया। जैसे ही वह मंच पर आए तो श्रोता खुद ही बोल उठे पहिचान तो गए हुइहो। अन्नू अवस्थी ने कवियों पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि इतने कवियों के बीच एक कवियत्री न आवै तो इन कवियों का मुंह देखने लायक होता है। कहा कि कवि गांधी जी है तो हम नाथूराम गोडसे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें