इटावा।केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह ने रविवार को उमरैन स्थित नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 21 एमएलडी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। साथ ही बगल में पहले से चल रहे 10 एमएलडी (मिट्रिक टन डेली) प्लांट का 50 फीसदी पानी सीधे यमुना गिरता देख नाराजगी जताई। उन्होंने प्लांट का संचालन पालिका से जल निगम को हैंडओवर करने को कहा। साथ ही सिल्ट सफाई करा पूर्ण क्षमता से पानी शोधन करने के निर्देश दिए।
निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट आगरा जल निगम की देखरेख में बना रहा है। उन्होंने आगरा जल निगम के जीएम हरीश कुमार कंछल, एसडीएम सदर सिद्धार्थ, तहसीलदार सदर एन राम से प्लांट संबंधी जानकारी ली। जीएम ने उन्हें प्लांट की क्षमता, निर्माण लागत, पूर्ण होने का अनुमानित समय, स्टाफ क्वार्टर आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सचिव ने बगल में ही पूर्व से संचालित एसटीपी का भी भ्रमण किया। इस एसटीपी का शोधित पानी 21 एमएलडी वाले प्लांट के निर्मित होने के बाद उसी के चैनल में मिलाकर यमुना में छोड़ा जाएगा। यहां उन्हें पता चला कि नालों का पानी साफ करने वाले इस एसटीपी से लगभग 50 फीसदी पानी बिना शोधन के ही यमुना में गिर रहा है। उन्होंने इसकी समय से सिल्ट सफाई करते रहने के निर्देश दिए। साथ ही एसटीपी का संचालन नगर पालिका से जल निगम को देने को कहा।
केंद्रीय सचिव ने टिक्सी मंदिर स्थित नाले का भी निरीक्षण किया और पानी को शोधन के बाद ही यमुना में गिराए जाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ प्लांट बना रही वीवीआईपी कंपनी के पीएम (प्रोजेक्ट मैनेजर) मनोज शर्मा, आगरा जल निगम के पीएम लोकेश शर्मा, एसई रजत जैन, यूपी जल निगम इटावा के जेई सलीम खान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
साफ होंगी सहायक नदियां
केंद्री सचिव उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में नमामि गंगे है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि गंगा ही नहीं उसकी सहायक नदियों को भी साफ-सुथरा किया जाए। दिल्ली से लेकर, वृंदावन, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद और इटावा में एसटीपी सहित कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
सर्वे कर पात्रों के घर बनवाएं शौचालय
केंद्रीय सचिव ने सिंचाई, जल संरक्षण और समस्त विभागों की समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में शौचालय विहीन घरों को शौचालय देने को कहा। अब जिले में लगभग 800 घरों को शौचालय दरकार है। इसके लिए 100 प्रतिशत सर्वे कर छूटे हुए पात्रों को शौचालय मुहैया कराने और सामुदायिक शौचालय बनाने को कहा। उन्होंने सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस व तरल अवशिष्ट प्रबंधन) के तहत कूड़ा व अन्य तरल गंदगी यमुना में न गिरने को निर्देश दिए। दिशा निर्देश देकर वह दिल्ली लौट गए।
पौधरोपण देख की प्रशंसा
सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह को मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने जिले की छोटी नदियों पर किए गए काम का एक वीडियो दिखाया, जिसमें था कि नदियों के दोनों किनारों पर पौधरोपण किया गया है। इसकी सचिव ने सराहना की।