इनकम डिक्लेरेशन स्कीम (आईडीएस) की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। महज छह दिन बचे हैं। ऐसे में आयकर विभाग की नजर शहर के तीन बड़े राजेनताओं पर टिकी है। करोड़पतियों की सूची में तो कई राजनेता हैं लेकिन जिन तीन पर आयकर विभाग ने नजर गढ़ा दी है, उनके पास अरबों की संपत्ति बताई जा रही है। 12 विभागों से जुटाए गए आंकड़ों की डाटा माइनिंग (आंकड़ों की छानबीन) में इनके पास करोड़ों रुपये की काली कमाई के सबूत हाथ लगे हैं।
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि करीब एक माह पूर्व तीनों नेताओं को विभागीय संदेश भिजवा दिया गया था। बावजूद इसके काली कमाई सरेंडर करने कोई आगे नहीं आया। आखिरी 15 दिन में इनके आने की उम्मीद पर भी पानी फिर गया है। अब छह दिन बचने पर आयकर विभाग ने नजर टेढ़ी कर ली है। बताया जाता है कि राजनीति के अलावा इन तीनों के कई तरह के घोषित और अघोषित कारोबार हैं। शहर के कई बड़े कारोबारियों के संरक्षक के तौर पर भी ये काम करते हैं। इसके अलावा कई राज्यों में रीयल एस्टेट में भी इनका पैसा लगा है। कई काम परिवार, नाते-रिश्तेदारों में बांट दिए गए हैं, लेकिन कमाई का बड़ा हिस्सा इन्हीं के पास आता है। इनमें से एक नेता का नाम खनन के बड़े खिलाड़ियों में भी शामिल है। राजनीति में होने वाले बेशुमार खर्चों में यह कमाई खपाई जा रही है।
करोड़पतियों की भी सूची तैयार
सिर्फ सराफा कारोबारियों पर शिकंजा कसने का आरोप झेल रहे आयकर अधिकारियों ने करोड़पति नेताओं की भी सूची तैयार की है। इनमें कुछ वर्तमान विधायक शामिल हैं तो कुछ पूर्व। 30 सितंबर के बाद होने वाली विभाग की व्यापक कार्रवाई में इन पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।