कानपुर देहात। प्रीपेड मीटर के बिल जमा करने की सहूलियत मिलने से पहले विद्युत सखियों को झटका लगा है। एप्लीकेशन इंस्टाल करने के बाद उनकी आईडी काम नहीं कर रही है। करीब बारह दिन से बिल जमा करने का काम ठप है। इस माह के शुरुआती सप्ताह में ही बिल जमा हुए, इससे आमदनी घट गई है।
जिले में समूह की 328 महिलाओं को विद्युत सखी के तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। मौजूदा समय में केवल 93 विद्युत सखियां बिजली बिल जमा कर रही हैं। अन्य विद्युत सखियों को प्रिंटर व अन्य सहूलियतें दी जानी बाकी हैं। बिल जमा करने पर प्रति माह प्रति विद्युत सखी छह हजार से दस हजार रुपये तक आमदनी का औसत है। विद्युत सखियां अब तक सामान्य मीटर वाले कनेक्शनों का बिल जमा कर रही थीं। प्रीपेड मीटर का बिल जमा करने का विकल्प उनके ऐप पर उपलब्ध नहीं था।
प्रीपेड बिल जमा करने के लिए विद्युत सखियों के मोबाइल पर एप्लीकेशन इंस्टाल कराया गया। इसके बाद पुराने खाते की धनराशि का नये एप्लीकेशन में समायोजन की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे विद्युत सखियों की आईडी बंद हो गई है। सात अप्रैल के बाद किसी विद्युत सखी कोई बिल जमा नहीं कर सकी हैं। इससे इस माह की आमदनी प्रभावित हुई है। विद्युत सखी रेशमा व नीलम ने बताया कि आईडी बंद होने से बिल जमा नहीं कर पा रही हैं। इस माह आमदनी न के बराबर ही रही है।
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मार्च अंत में एप्लीकेशन बनाकर ऐप व लिंक विद्युत सखियों को दिया गया। विद्युत सखियों ने मोबाइल पर ऐप को अपडेट कर लिया लेकिन उनकी खाते में धनराशि समायोजन नहीं हो सका है। इसकी वजह से अप्रैल में विद्युत सखियां बिल जमा नहीं कर पा रही हैं। जल्द की उनकी आईडी काम करने लगेगी। - निखा सचान, जिला मिशन प्रबंधक एनआरएलएम।
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बिल जमा करने को बिजली घर तक लग रही दौड़
विद्युत सखी की आईडी बंद होने से गांवों में ही बिजली बिल जमा करने की सहूलियत नहीं मिलने पर लोग परेशान हो रहे हैं। हालात ये हैं कि लोगों को बिजली बिल जमा करने के लिए उपकेंद्र तक भाग दौड़ करनी पड़ रही है। भटौली के दीपक व सुरेश ने बताया कि बिजली सखी की आईडी बंद है। इसकी वजह से बिल जमा करने के लिए अब बिजली घर जाना पड़ा।