बिकरू कांड में विकास दुबे और उसके गुर्गों की मदद करने वालों के नाम मूल एफआईआर में शामिल नहीं किए जाएंगे। हालांकि, उनके खिलाफ पनकी थाने में अलग रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसी के अनुसार उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ ने विकास दुबे और उसके गुर्गों की मदद करने वाले आरोपियों में विष्णु कश्यप, अमन शुक्ला, रामजी उर्फ राधे, अभिनव तिवारी, संजय परिहार, शुभम पाल और मनीष यादव को गिरफ्तार किया था।
सातों के खिलाफ अवैध असलहा रखने की धारा में मुकदमे दर्ज हुए थे। इन आरोपियों के नाम बिकरू कांड के मूल मुकदमे में जोड़े जाने थे। बिकरू कांड की मूल घटना के विवेचक कलक्टरगंज इंस्पेक्टर संजीवकांत मिश्रा ने बताया कि जांच पड़ताल में पता चला कि इन सातों आरोपियों का उस कांड में हाथ नहीं था।