वहीं, जमानती की मलियत तस्दीक करने के लिए यूको बैंक शाखा आर्मापुर व रजिस्ट्रार कार्यालय कानपुर नगर को भेजा गया था। बैंक के साथ ही नौबस्ता व पनकी थाना से जमानत सत्यापन रिपोर्ट अदालत में आ चुकी है। रजिस्ट्रार कार्यालय से सत्यापन रिपोर्ट आना शेष था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत ने बताया कि शुक्रवार को सब रजिस्ट्रार जोन-चार कार्यालय से जो सत्यापन रिपोर्ट आई है वह अपूर्ण है। रिपोर्ट में रजिस्ट्री की तस्दीक की है, लेकिन मालियत स्पष्ट नहीं की गई है। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी करते हुए सब रजिस्ट्रार को 23 जनवरी को अदालत में स्पष्ट आख्या के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
किशोर न्याय बोर्ड से भेजा गया खुशी की रिहाई परवाना
खुशी दुबे पर दूसरे की आईडी से लिए गए सिम के उपयोग करने के मामले में बचाव पक्ष ने शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड के सामने दोनों जमानती पेश कर दिए। इसके बाद बोर्ड ने खुशी की रिहाई का परवाना माती जिला कारागार भेज दिया, लेकिन मुख्य मामले में जमानत प्रपत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी न होने के चलते शुक्रवार को खुशी की रिहाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत ने बताया कि दोनों जमानती की तस्दीक करते हुए बोर्ड से खुशी का रिहाई परवाना जेल भेज दिया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार दोपहर करीब 3:20 बजे माती जेल में खुशी से मुलाकात की। इस दौरान उसका हालचाल लेने के साथ ही अदालत की कार्यवाही के बारे में खुशी को बताया। खुशी ने रोते हुए आभार व्यक्त किया।