हॉर्न का शोर और एक जैसी 45 एवेंजर बाइकें जब शहर की सड़कों पर फर्राटा भरते दिखीं तो हर किसी की आंखे इन्हीं पर टिक गईं। बाइकर्स का यह काफिला शहर के कई मार्गों से होते हुए चावला मार्केट स्थित होटल दीप पर रुका। रात के करीब 11 बज रहे थे। यहां हेलमेट पहने बाइकर्स ने जब अपना चेहरा दिखाया तो सबके होश उड़ गए।
ये सभी बाइकर्स महिलाएं थीं। रात होने के बावजूद आस-पास भारी भीड़ जुट गई। सब उत्सुक थे इनके बारे में जानने के लिए। मालूम पड़ा कि ये महिलाएं कोई और नहीं सूरत, गुजरात की ‘बाइकिंग क्वींस’ हैं। सभी सूरत से निकली हैं और लद्दाख तक जाएंगी। इसमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सशक्त नारी और स्वच्छ भारत का अभियान शामिल है।
इसका नेतृत्व साइकोलॉजिस्ट डॉ. सारिका कर रही हैं। डॉ. सारिका ने बताया कि बाइकिंग क्वींस यही चाहती हैं कि देश में नारी खुद जागरूक हो। वह अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करें। बेटियों को पढ़ाया जाए और वह अपने देश और दुनिया में अपना नाम रोशन कर सकें। सारिका के मुताबिक अभी तक बाइकिंग क्वींस ने 4400 किलोमीटर की दूरी तय की है। सूरत से निकली यह रैली लेह लद्दाख तक जाएगी।
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आज बनारस के लिए होंगी रवाना
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बाइकर कवींस रात को पहुंची थी कानपुर
- फोटो : ओपी वाधवानी, अमर उजाला, कानपुर
बाइकिंग क्वींस की रैली आज सुबह बनारस के लिए रवाना होगी। डॉ. सारिका ने बताया कि उनसे शहर के कई बाइकर्स गैंग ने संपर्क किया है। वह उन्हें शहर के बाहर तक छोड़ने के लिए जाएंगे।
सारिका बताती हैं कि वह रैली के रास्ते में पड़ने वाले सरकारी स्कूलों में भी रुकती हैं। वहां बच्चों से मुलाकात करती हैं और उन बच्चों को उनके जरूरत के हिसाब से स्कूल की किट गिफ्ट करती हैं, जिसमें बैग, कॉपी, किताब, बॉक्स आदि शामिल होता है।
बाइकर कवींस की टीम भी चलती है साथ
- फोटो : ओपी वाधवानी, अमर उजाला, कानपुर
सारिका बताती हैं कि उनके साथ दो गाड़ियां भी चलती हैं जिसमें उनके जरूरतों का समान होता है। दूसरी गाड़ी उनके किचन की होती है जिसमें उनके लिए खाने बनते हैं। सुरक्षा के लिए सभी बाइकिंग क्वींस हेलमेट व अन्य किट पहनती हैं।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सशक्त नारी और स्वच्छ भारत का संदेश लेकर पहुंची बेटियां
- 4400 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी हैं बेटियां