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'कन्नौज का बिकरू' बना किरकिरी : पाई-पाई वसूली की तैयारी, राजस्व टीम ने की पैमाइश, मकान ध्वस्त करने की भी योजना

Thu, 28 Dec 2023 05:04 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: टीम ने हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव के घर से आधे किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में स्थित पुलिया से पैमाइश की शुरूआत की। घर के सामने स्थित खेतों के अलावा उत्तर दिशा में भी पैमाइश की। लगभग दो घंटे तक चली पैमाइश के बाद टीम ने हिस्ट्रीशीटर के घर के सामने निशान लगा दिए।
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कन्नौज कांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस पर हमले के बाद कानपुर के बिकरू की तरह सुर्खियों में आए कन्नौज के धरनीधीरपुर नगरियां गांव पर पुलिस और प्रशासन की निगाह लगी है। सिपाही सचिन की शहादत के बाद पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अमला भी हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी में है। इसके लिए बाकायदा सभी पहलुओं पर पड़ताल के साथ ही कानूनी बिंदुओं पर भी मंथन हो रहा है।

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यही वजह है कि वारदात के दूसरे दिन हुई पड़ताल के बाद फोरेंसिक और राजस्व विभाग की टीम ने बुधवार को गांव पहुंचकर सुबूत एकत्र किए। नायब तहसीलदार भरत कुमार मौर्य, राजस्व निरीक्षक रामेंद्र सिंह, लेखपाल राजदीप सक्सेना, गजेंद्र सिंह, मनीष तिवारी, प्रीतम सिंह यादव व राजेश यादव को लेकर धरनीधरपुर नगरिया गांव पहुंच गए।

दो घंटे तक चली पैमाइश, घर के सामने लगाए निशान
टीम ने हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव के घर से आधे किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में स्थित पुलिया से पैमाइश की शुरूआत की। घर के सामने स्थित खेतों के अलावा उत्तर दिशा में भी पैमाइश की। लगभग दो घंटे तक चली पैमाइश के बाद टीम ने हिस्ट्रीशीटर के घर के सामने निशान लगा दिए। सामने की तरफ से देखने पर एक निशान के ऊपर 61 लिखा हुआ था। हालांकि टीम पैमाइश पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट को एसडीएम को सौंपने की बात कहते हुए यहां से चली गई।

घर के रोशनदानों में लगी थीं लोहे की खिड़कियां
हिस्ट्रीशीटर के घर में कई रोशनदान थे। जिससे वह चारों तरफ निगरानी कर सकता था। बाहर से देखने में तो यह रोशनदान खुले मालूम पड़ते हैं लेकिन अंदर से इसमें लोहे की छोटी-छोटी खिड़कियां लगी हुई हैं। सीसीटीवी कैमरे के अलावा इन खिड़कियों से हिस्ट्रीशीटर पुलिस की गतिविधियों को देख रहा था।

घर की काटी गई बिजली
हिस्ट्रीशीटर, उसकी पत्नी व बेटे की फायरिंग से सिपाही की मौत के बाद बिजली विभाग भी हरकत में आ गया। मुख्य सड़क से हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव का घर 100 मीटर की दूरी पर है। मुनुआ के घर के बाहर खंभा गाढ़कर उसे बिजली का कनेक्शन दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि इस बिजली के खंभे से केवल एकमात्र कनेक्शन हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव को दिया गया है। अब बिजली विभाग ने मुख्य मार्ग से इस खंभे के कनेक्शन को काट दिया है।

घर पर बुलडोजर चलाने के लिउ चर्चाओं का बाजार गर्म
हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव का घर गांव के बाहर खेत में बना हुआ है। इस घर के दो ओर सड़क है जबकि दो ओर खेत हैं, जिसमें फसल खड़ी हुई है। पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद से ही राजस्व टीम इस जमीन की कई बार पैमाइश कर चुकी है। हिस्ट्रीशीटर के घर पर बुलडोजर चलाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

हिस्ट्रीशीटर के घर के अंदर व बाहर पहरेदारी करते रहे कुत्ते
हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव, नाबालिग बेटे, पत्नी पूर्व प्रधान श्यामा देवी की पुलिस पर फायरिंग के आरोप में गिरफ्तारी के बाद घर में बंद भूखे-प्यासे कुत्तों को मंगलवार की शाम को बाहर निकलवा दिया गया। लेकिन यह कुत्ते घर को छोड़कर नहीं गए। मंगलवार की रात से लेकर एक कुत्ता घर के बाहर तो दूसरा घर के अंदर पहरेदारी करता रहा। कुत्तों की मालिक के प्रति वफादारी की चर्चा हर जुबां पर रही।

पांच हजार स्कवायर फिट से ज्यादा क्षेत्रफल में है मकान
विशुनगढ़ थाना से एक किलोमीटर की दूरी पर सबसे पहले धीरपुर पड़ता है। उससे 300 मीटर की दूरी पर है नगरिया। उसके बाद 200 मीटर की दूरी पर धरनी गांव है। हिस्ट्रीशीटर मुनुआ नगरिया गांव का निवासी है। पहले उसका मकान गांव के अंदर था। बाद में उसने गांव से 100 मीटर की दूरी पर खेत में ही नया मकान बनाया। जगह का चयन ऐसा किया कि तीनों मजरों के बीच में रहे। जहां पर मकान है, वहां से तीनों मजरे बराबर-बराबर की दूरी पर हैं।
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दो मंजिला मकान काफी रहस्यमई है
पांच हजार स्कवायर फिट से ज्यादा हिस्से में बना उसका दो मंजिला मकान काफी रहस्यमई है। गांव के संपर्क से उसके घर जाने के लिए अलग से सड़क बनी है। सामने सबसे पहले बड़ा सा लोहे का फाटक है। ग्राउंड फ्लोर पर तीन कमरे हैं। मुनुआ की पत्नी श्यामा यादव और बच्चे निचली मंजिल पर ही रहते हैं। ऊपरी मंजिल पर चार कमरे हैं। मुनुआ ऊपरी मंजिल पर ही रहता है। दिन तो कमरों में गुजारता है, लेकिन रात में वह तीसरी मंजिल पर बड़े से टॉवर पर गुजारता है।
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