केसरिया बर्फी में मिलावट पाए जाने पर शहर के नामचीन भीखाराम स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी भी हो रही है।
लाइसेंस निलंबित होने से अब भीखाराम स्वीट्स की दुकान नहीं खुल सकेगी। दुकान खुली तो एफआईआर कराई जाएगी। नए एक्ट में शहर में पहली बार लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई हुई है।
11 अगस्त 2014 को एक उपभोक्ता ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहीत अधिकारी सैयद शहनवाज हुसैन आबिदी से शिकायत की कि उसने भीखाराम स्वीट्स कराची खाना से केसरिया बर्फी खरीदी तो उसमें बदबू आ रही थी। वापस करने को कहा तो दुकान वाले झगड़ा करने पर उतारू हो गए।
इस पर आबिदी ने फूड इंस्पेक्टर अनिल कटियार को मौके पर भेजकर केसरिया बर्फी का सैंपल भरवाया। इसकी जांच रिपोर्ट लखनऊ स्थित प्रयोगशाला से आ गई है।
आबिदी ने बताया कि जांच में केसरिया बर्फी में मिलाया गया रंग तय मानक से दो गुने से ज्यादा निकला है। इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है।
इसलिए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। कोर्ट में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। फूड इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र ने लाइसेंस निलंबन का आदेश शाम को भीखाराम स्वीट्स पर रिसीव करा दिया।
बोले जिम्मेदार
किसी भी खाद्य पदार्थ में तय मानक से ज्यादा या सिंथेटिक रंग मिलाने से लिवर कैंसर तक हो सकता है। किडनी और लिवर खराब हो सकते हैं। पाचन क्रिया प्रभावित होती है।
- डॉ. विशाल गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज