कानपुर यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति ने बुधवार को एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के करीब पांच हजार स्टूडेंटों को राहत दे दी है। कोर्स से बाहर के सवाल पूछे जाने का हवाला समिति ने सभी को 12-12 अतिरिक्त मार्क्स देने का फैसला किया। इसका क्रियान्वयन परीक्षा विभाग जल्द ही करेगा।
एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के इनवायरमेंटल लॉ के तीन क्वेश्चन पेपर आउट ऑफ कोर्स से आए थे। इसकी शिकायत वीएसएसडी कॉलेज के स्टूडेंट अवधेश प्रताप सिंह ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से की। इसी आधार पर कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित करके पूरे मामले की जांच कराई। कमेटी ने क्वेश्चन पेपर और कोर्स का अध्ययन किया, फिर परीक्षा समिति को रिपोर्ट दी। यह रिपोर्ट बुधवार को कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता वाली परीक्षा समिति में रखी गई। कहा गया कि एलएलबी तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में चार-चार मार्क्स के तीन क्वेश्चन कोर्स के बाहर से पूछे गए थे। तमाम स्टूडेंट पेपर नहीं हल कर सके। इससे रिजल्ट खराब हो गया। अब परीक्षा समिति ने एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के स्टूडेेंटों को अतिरिक्त मार्क्स देने का फैसला किया है। समिति के सदस्य और कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) के अध्यक्ष डॉ. बृजेश यादव और महामंत्री डॉ. विवेक यादव ने बताया कि स्क्रूटनी के 551 मामलों के निस्तारण की जानकारी दी गई है।
पूर्णांक पर बढ़ेंगे मार्क्स
- परीक्षा समिति ने चैलेंज इवैल्यूएशन का कंफ्यूजन भी बुधवार को दूर कर दिया। समिति ने कहा कि मार्क्स में फेरबदल की नियमावली पूर्णांक पर लागू की गई है। इसका न्यूनतम प्राप्तांक (मिले मार्क्स) से कोई लेना-देना नहीं है। यदि 50 मार्क्स का पेपर है और चैलेंज इवैल्यूएशन में 15 फीसदी मार्क्स को बदलाव होता, तभी नियमावली लागू होगी। मार्क्स बढ़ाए जाएंगे। इस मामले में भ्रम फैलाया गया था। कहा जा रहा था कि यूनिवर्सिटी ने प्राप्तांक पर सुधार का नियम बनाया था, जिसे परीक्षा समिति ने क्लर्कियल मिस्टेक करार दिया।
45 केंद्रों पर पांच नवंबर से परीक्षा
बीएड, एमएड, बीपीएड, बीए एलएलबी ऑनर्स (पांच वर्षीय), एलएलबी (तीन वर्षीय) और एमपीएड की परीक्षाएं कानपुर नगर, कानपुर देहात सहित यूपी के 13 जिलों के 45 केंद्रों पर कराई जाएंगी। परीक्षाएं 5 नवंबर से शुरू होंगी। इस पर बुधवार को परीक्षा समिति ने मुहर लगा दी। 34 राजकीय, अनुदानित कॉलेजों को बीएड, बीपीएड और एलएलबी का परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
अब नहीं होगा सत्यापन
संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा के दौरान स्टूडेंटों को सत्यापन फार्म नहीं भरना होगा। अब एक ओएमआर शीट मिलेगी, जिस पर स्टूडेंट का नाम, रोल नंबर लिखा रहेगा। इससे फर्जीवाड़ा की संभावना खत्म हो जाएगी। अनुपस्थित स्टूडेंटों को उपस्थित नहीं दिखाया जा सकेगा। आब्जेक्टिव पेपर की कॉपी जांचने वाले शिक्षकों को अब सोल्यूशन भी देना होगा।