पुलिस-आबकारी विभाग की रहती है मिलीभगत
शहर और आउटर में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर होता रहा है। आबकारी विभाग व पुलिस की मिलीभगत से ही ये खेल होता है। जब फर्जी बार कोड की शराब शहर में बेची जा रही है और आबकारी विभाग अंजान बना हुआ है। इससे मिलीभगत का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय पुलिस का शराब माफिया से गठजोड़ रहता है। इस वजह से वह बचते रहते हैं। पुलिस शराब माफिया को संरक्षण देती है और आबकारी विभाग अनजान बना रहता है। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती है। मोटी रकम हर महीने पहुंचती है। कुछ दिन पहले भी आबकारी इंस्पेक्टर निरंकार नाथ पांडेय रिश्वतखोरी में निलंबित किया गया था।
अवैध शराब का कारोबार करने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए टीमें लगी हुई हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि इसमें शराब के तीन कारोबारी भी शामिल हैं। ये संख्या बढ़ भी सकती है। सुबूत जुटाने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - अजीत कुमार सिन्हा, एसपी आउटर