जिला अस्पताल में पूछताछ करते डीएम संजीव सिंह
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फतेेहपुर जिले के बिंदकी में मोबाइल पर फिल्म देख रहे नौ बच्चों पर शनिवार की शाम बरामदे की छत भरभरा कर गिर गई। हादसे में सभी बच्चे मलबे में दब गए। आनन-फानन में परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला।
बिंदकी सीएचसी में डॉक्टर ने तीन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल छह में दो बच्चों की हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाकी का सीएचसी में इलाज चल रहा है। हादसे की जानकारी पर डीएम संजीव सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के परिजनों से मामले की जानकारी ली।
उधर, एसपी प्रशांत वर्मा हादसा स्थल पहुंचे। मौके का जायजा लिया। हादसा बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के रतवाखेड़ा गांव में हुई। गांव के सुनील पाल और परिवार के लोग शाम करीब पांच बजे खेत पर काम पर थे। मकान के बाहरी हिस्से में कच्चे बरामदे में सुनील पाल का बेटा सभाजीत (5), शिशुपाल (3), आंशी (6), राजपाल (3), पड़ोसी शिवपूजन पाल की बेटी गुड़िया (14), सुनील के घनवाखेड़ा निवासी बहनोई अनुज का बेटा आर्यन (3), अनुराग (5), सुनील के भाई अनिल कुमार की बेटी राखी (11) और पड़ोसी राजेश पाल की बेटी शीलम (8) मोबाइल पर फिल्म देख रहे थे।
इसी दौरान बरामदे की छत भरभराकर बच्चों के ऊपर ढह गई। मौके पर चीख पुकार मच गई। घर के लोग बाहर निकलकर आए और शोर मचाकर गांव के अन्य लोगों को एकत्र किया। कुछ ही देर में काफी लोग मौके पर जुट गए और मलबा हटाकर नीचे दबे बच्चों को बाहर निकालने लगे।
सभी नौ बच्चों को सीएचसी बिंदकी पहुंचाया गया। जहां डाक्टर ने गुड़िया और सगे भाई सभाजीत, शिशुपाल को मृत घोषित कर दिया। आर्यन और अनुराग को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। आंशी, राजपाल, राखी और शीलम का सीएचसी में ही इलाज दिया गया।
हादसे की जानकारी होते ही जिलाधिकारी संजीव सिंह भी जिला अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल लेने पहुंचे और परिजनों से मामले की जानकारी ली। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
बिंदकी आशीष सिंह को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर ही मुआवजा तय किया जाएगा। जिस घर में हादसा हुआ, उनके मकान में सिर्फ बाहरी हिस्से में ही कच्ची छत थी जबकि अंदर मकान पक्का बना हुआ है। बच्चे एक साथ मोबाइल पर फिल्म देख रहे थे तभी हादसा हुआ और सभी लोग मलबे में दब गए। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी।