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‘भारत बंद’ से हो सकती है ‘चूल्हा बंदी’

Mon, 28 Nov 2016 01:45 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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नोटबंदी की तरह भारत बंद की हलचल यहां नहीं रहेगी। सोमवार (28) नवंबर को कुछ राजनैतिक दलों द्वारा देशव्यापी ‘बंद’ का आह्वान किया गया है लेकिन व्यापार मंडल और व्यापारियों के सुर इसके खिलाफ हैं। दुकानदारों का कहना है कि नोटबंदी ने उनकी दुकानदारी और व्यवसाय पहले ही चौपट कर दिया है। अब दुकान बंदी करके घर में चूल्हा बंदी की नौबत नहीं लाना चाहते। पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने भी साफ शब्दों में एलान कर दिया है कि पेट्रोलपंप पूरे समय खुले रहेंगे। 
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नोटबंदी से पूरे देश में पैदा हुए हालात और मची हायतौबा के बीच कई राजनीतिक संगठनों ने सोमवार को पूरे देश में इसके विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है लेकिन यहां यह बंद कुछ खास असरदार होता नजर नहीं आ रहा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल उपाध्यक्ष संतोष गुप्ता ने कहा है कि नोटबंदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सराहनी फैसला है। वह बंद में शामिल नहीं होंगे। इसी तरह बांदा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभाकर सिंह चंदेल ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि पेट्रोल पंप पूरे समय खुले रहेंगे। उन्होंने पेट्रोल पंपों में पुलिस सुरक्षा की मांग एसपी से की है। 

बाजार में व्यापारी भी बंद के मूड में नहीं दिखाई पड़े। रेडीमेट कपड़ा व्यवसाय मोहम्मद वसीक ने बताया कि कपड़ा व्यापार मंडल ने बंदी का कोई आह्वान नहीं किया है। इसलिए बंद में शामिल नहीं हाेंगे। कहा कि नोटबंदी से यूं ही कारोबार चौपट है। ऐसे में बंदी से और नुकसान होगा। किराना व्यवसायी हरीकृष्ण गुप्ता ने कहा कि सिर्फ 25 फीसदी कारोबार हो रहा है। उस पर भी दुकान बंद कर लें तो घर में चूल्हा बंदी की  नौबत आ जाएगी। बंद का समर्थन नहीं करेंगे। अनाज व्यापारी शेख इलाही ने कहा कि नोटबंदी से उधार लेन-देन हो रहा है। बंद पैसे वाले कर रहे हैं। वह बंद में शामिल नहीं होंगे। मोबाइल फोन विक्रेता नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि व्यापार मंडल ने बंदी के लिए कोई आह्वान नहीं किया है। 
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