एससी/एसटी कानून में बदलाव के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों ने अांदोलन का बिगुल फूंक दिया। देशभर में भारत बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए जिलों में भी दलित समाज ने प्रदर्शन किया यूपी के इटावा में इस अांदाेलन का असर कहीं भी नजर नहीं अाया।
इटावा जिले में राष्ट्रव्यापी भारत बंद आंदोलन का असर बेअसर रहा। बाजार में रोजाना की तरह दुकानें खुली नजर आई। कलक्ट्रेट में आयोजित धरना प्रदर्शन सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक चलता रहा। कई संगठनों से जुड़े लोग धरना स्थल पर पहुंचे पर उनमें एकता का अभाव नजर आया। दूसरी ओर सरकारी कर्मचारी भी धरना प्रदर्शन में आए, लेकिन वह दूरी बनाए रहे।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। बुद्ध विहार के भंते रामकिशन ने एससी/एसटी एक्ट के प्रस्ताव के विरोध में पहले कलक्ट्रेट में चल रहे धरना प्रदर्शन में भाग लिया। इसके बाद बुद्ध विहार आकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। आंदोलनकारियों द्वारा अंबेडकर चौराहे पर सड़क जाम करने की भनक लगते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी पहुंच गई।
आंदोलनकारी नारे लगाते हुए पास ही स्थित बुद्ध विहार के अंदर चले गए। इसके बाद सभी धीरे-धीरे निकल गए। कचहरी परिसर में प्रदर्शनकारियों के नारे लगाते हुए अपने संगठनों के झंडे लेकर आने का क्रम बना रहा। इस दौरान जैसे ही जनपद के सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश के भिंड जनपद में बवाल की खबरें आईं। जिला और पुलिस प्रशासन और सजग हो गया।
कचहरी में अपर जिलाधिकारी जितेेंद्र कुमार कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार पटेल, एसडीएम सिद्धार्थ, सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सिविल लाइन थानाध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी के साथ पुलिस बल जिसमें महिला पुलिस कर्मी मौजूद रहीं। विरोध करने में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, हिंदू दलित समिति, बहुजन मुक्ति पार्टी, बहुतन समाज पार्टी, किसान सभा समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी मुख्य रूप से शामिल रहे। इस दौरान आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।