आईआईटी ‘प्रबंधन-2017’ के समापन समारोह में स्पॉयल के सीईओ ने दिए टिप्स
वैश्विक स्तर पर एंटरप्रिन्योरशिप की काफी मांग है। इससे न केवल नौकरियों के मौके सृजित होते हैं बल्कि देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। ये बातें रविवार को आईआईटी कानपुर में स्पॉयल, बंगलुरू के सीईओ भार्गव इरांगी ने कहीं। वह यहां मैनेजमेंट फेस्टिवल ‘प्रबंधन-2017’ के समापन समारोह में छात्रों से संवाद कर रहे थे।
भार्गव ने कहा कि एंटरप्रिन्योरशिप के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अच्छा आइडिया होना। यह तभी होगा जब आप विश्वस्तर पर सोचने की क्षमता रखेंगे। अपने आस-पास की छोटी-छोटी समस्याओं को समझेंगे। उन समस्याओं को निस्तारित करने के तरीके विकसित कीजिए जिससे लोगों को राहत मिले। यही एक सफल एंटरप्रिन्योरशिप आइडिया हो सकता है।
भार्गव ने फंड रेजिंग, मेंटरिंग जैसी कई बिंदुओं पर भी विस्तार से समझाया। आईआईटी कानपुर की प्रो. देवलीना चटर्जी ने बताया कि कई बार एंटरप्रिन्योरशिप में फंड मिलते ही एंटरप्रिन्योर अव्यवस्थित हो जाता है। उसे मालूम नहीं रहता कि फंड का कहां और कैसे प्रयोग करे। ऐसी स्थिति में उसे एंटरप्रिन्योरशिप के लिए फाइनेंशियल जानकारी भी रखनी चाहिए।
हुनरमंद बनिए, प्रबंधन में तभी सफलता
प्रो. देवलीना चटर्जी ने कहा कि आज के दौर में हुनर का सम्मान हर जगह है। इसलिए हमेशा हुनरमंद बनने की कोशिश करिए। प्रबंधन के क्षेत्र में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। जब तक आपमें संवाद निपुणता, निर्णय लेने की काबिलियत, समस्याओं को समझने और उन्हें दूर करने की क्षमता नहीं है तब तक आप सफल प्रबंधक नहीं हो पाएंगे।