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सुपाड़ी कारोबारी हत्याकांड: जीआरपी का दावा-व्यापारी की हुई हत्या, पुलिस मान रही हादसा

Fri, 29 Jul 2022 10:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सुपाड़ी कारोबारी की मौत के मामले में जीआरपी और पुलिस की जांचअलग-अलग तथ्यों को उजागर कर रही हैं। जीआरपी का दावा है कि व्यापारी की हत्या हुई है। तो वहीं, पुलिस इसे हादसा मान रही है। वहीं, परिजनों ने पुलिस पर लगाया शुरुआत से ही लापरवाही बरतने का आरोप  लगाया है।
 
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पारस गुप्ता फाइल फोटो व पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के हरबंश मोहाल से लापता सुपाड़ी कारोबारी का संदिग्ध हालात में रेलवे पटरी पर शव मिला था। इस मामले में जीआरपी का दावा है कि कारोबारी की हत्या कर शव पटरी पर फेंका गया। वहीं, हरबंश मोहाल थाना पुलिस इसे महज हादसा ही मान रही है। ऐसे में परिजनों ने पुलिस पर शुरुआत से ही मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी कारोबारी की हत्या किए जाने की ओर इशारा कर रही है। 

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हरबंश मोहाल के नैभारा मोहल्ला निवासी सुपाड़ी कारोबारी पारस गुप्ता की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। हरबंशमोहाल पुलिस व्यापारी की मौत ट्रेन हादसे में होने की बात कर रही है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने से सिर की तीन हड्डियां टूटी हुई थीं और मरने से पहले वह कोमा में जाने की पुष्टि थी। इसके अलावा शरीर पर कोई और चोट नहीं मिली, जबकि ट्रेन की चपेट में आने के बाद शरीर पर और भी चोटें मिलनी चाहिए थीं। 

वहीं, जीआरपी ने भी शव के फुटेज और तस्वीरें परिजनों को सौंप कर हत्या की तरफ ही इशारा किया है। तस्वीरों में सिर्फ सिर पर ही चोट नजर आ रही है। ऐसे में हरबंशमोहाल पुलिस की तरफ से हादसा बताना परिजनों के गले नहीं उतर रहा है। परिजनों के साथ ही जीआरपी का भी दावा है कि ट्रेन हादसा में शरीर पर कई चोटें मिलनी चाहिए थीं। इधर पति को खो चुकी पत्नी मनीष और बच्चों आरुष और एंजल का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस पर शुरुआत से ही लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।  

पारस को भगोड़ा बता कर देते थे चलता 
परिजनों के अनुसार पुलिस का रवैया शुरुआत से ही खराब रहा। वह जब पारस के विषय में जानकारी करने थाने जाते थे तो वहां मौजूद पुलिस कर्मी अभद्रता करते थे। पारस को ही भगोड़ा बता कर चलता कर देते थे। भाई पंकज ने बताया कि वह मुंबई में थे। तब पारस ने उन्हें फोन कर उसके साथ हुई मारपीट की जानकारी दी थी। इस पर अमित को एक साथी से रुपये भी दिलवा दिए थे। 
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मामले में अमित और 10 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। पुछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।   -प्रमोद कुमार, डीसीपी पूर्वी

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