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मूल केस डायरी न मिलने से सुनवाई अब 5 अप्रैल को

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कानपुर देहात। बेहमई कांड में मूल केस डायरी न मिलने के कारण मंगलवार को भी सुनवाई टल गई। अब 5 अप्रैल को सुनवाई होगी। बेहमईकांड के वादी रहे राजाराम के निधन के बाद नए वादी व गवाह जंटर सिंह मंगलवार को पहली सुनवाई पर कोर्ट पहुंचे। सुनवाई टलने से न्याय के इंतजार में बैठे लोगों में निराशा है।
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मंगलवार को बेहमई कांड की सुनवाई फिर से टल गई। मामले में आरोपी भीखा और विश्वनाथ अदालत पहुंचे। बता दें कि 14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों की हत्या की थी। फूलन को शक था कि डाकू लालाराम को गांव के लोग संरक्षण दे रहे हैं। घटना की मुख्य आरोपी फूलन देवी की भी हत्या हो चुकी है। वहीं वादी राजाराम सिंह का पिछले साल 13 दिसंबर को बीमारी के चलते निधन हो चुका है।
घटना में मारे गए लोगों के परिजन न्याय के लिए चालीस साल से कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार उन्हें तारीख पर तारीख दी जा रही है। चर्चित मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसले की उम्मीद लगाई तो कोर्ट की पत्रावली में मूल केस डायरी नहीं मिली। केस डायरी की जांच के लिए डीजीपी ने तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को भी जांच में कुछ सुराग नहीं मिला। जांच टीम ने कोर्ट से आंतरिक जांच कराने का अनुरोध कर रिपोर्ट सौंपी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि मूल केस डायरी न मिलने के चलते सुनवाई टल गई। अब 5 अप्रैल को तिथि तय की गई है।
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जेल अस्पताल में भर्ती पोसा की हालत में नहीं सुधार
कानपुर देहात। माती जेल में बंद बेहमई कांड के आरोपी पोसा के बीमार होने पर उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछली तारीख 8 मार्च को भी जेल अस्पताल में भर्ती होने से आरोपी पोसा अदालत में नहीं लाया जा सका था। जेलर कुश कुमार ने बताया कि 85 वर्षीय की अवस्था होने के कारण पोसा को चलने-फिरने में दिक्कत है। वह काफी समय से जेल के अस्पताल में भर्ती है। बीच-बीच मेें उसे कानपुर के हैलट अस्पताल भेजकर भी विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाता है।
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