इंटरनेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस कांटेस्ट वीक (10, 11, 12, 13 नवंबर ) के सभी विजेताओं को न्यूयार्क स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग अमेरिका की तरफ से एक मिलियन डॉलर की डॉक्टरल स्कालरशिप और फेलोशिप दी जाएगी। इसकी घोषणा गुरुवार को हुई है। इसके तहत रिसर्च, पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता मिलती है। यह प्रतियोगिता आईआईटी कानपुर, न्यूयार्क यूनिवर्सिटी और एनवाईयूवी आबूधाबी में एक साथ गुरुवार से आयोजित की गई है। रिजल्ट 13 नवंबर को आएगा। भारत में यह मुकाबला पहली बार कराया जा रहा है। जिनकी परफारमेंस अच्छी होगी, उन्हें जॉब भी मिल सकती है। कैंपस सेलेक्शन के लिए रिलायंस, निबिटी और एनटीआरओ ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं।
न्यूयार्क यूनिवर्सिटी अमेरिका और आईआईटी कानपुर के साइबर सिक्योरिटी के ऑनलाइन प्री टेस्ट में देश, विदेश के 150 प्रौद्योगिकी और तकनीकी संस्थान की टीमों ने हिस्सा लिया था। स्क्रीनिंग के बाद कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 48 स्टूडेंटों (चार-चार की टीमें) का चयन किया गया। सभी टीमें आईआईटी कानपुर आ गई हैं। आईआईटी कानपुर के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2020 तक दुनिया में 1.5 मिलियन साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की जरूरत पड़ेगी।
इस लिहाज से इंटरनेशनल कांटेस्ट महत्वपूर्ण है। इसी वजह से एनवाईयूवी आबूधाबी ने भी स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है। न्यूयार्क, कानपुर और आबूधाबी में एक साथ आयोजित प्रतियोगिता में 90 टीमेें हिस्सा ले रही हैं। इन सबको एनवाईयू की तरफ से मास्टर डिग्री प्रोग्राम में एडमिशन के ऑफर भी दिए जाएंगे। कैश प्राइज भी दिए जाएंगे। स्टूडेंटों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। ये सर्टिफिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होंगे।
आईआईटी और न्यूयार्क यूनिवर्सिटी के साइबर सिक्योरिटी कांटेस्ट को देखने गुरुवार की देररात रिलायंस इंडस्ट्रीज के साइबर सिक्योरिटी हेड अमन नांबियाल भी पहुंचे। वह स्टूडेंटों का इंटरव्यू भी लेंगे और जॉब ऑफर देंगे। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि भारत पर हैकर्स के हमले का खतरा बना हुआ है। इससे निपटने की चुनौती होगी।