कानपुर। चंदौली में जमीन के लेनदेन के विवाद में जाजमऊ के जेके कालोनी निवासी सिद्धार्थ सिंह (40) की हत्या के बाद कफन में लिपटा शव शनिवार सुबह घर पहुंचा तो परिजन में चीखपुकार मच गई। मां शांतना अपनी छाती पीटती हुई बोलीं कि इकलौते बेटे तुम तो दोस्त सागर के साथ प्रयागराज में ऑफिस के काम की बात कहकर 21 अक्तूबर को गए थे। अब उनका बुढापे में क्या होगा। मां का यह करुणक्रंदन देख वहां मौजूद इलाकाई लोगो की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद परिवार के लोगों ने सिद्धनाथ घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
सिद्धार्थ सिंह जाजमऊ की एक टेनरी में सुपरवाइजर थे। एयरफोर्स में कार्यरत रहे पिता अजेंद्र का निधन हो चुका है। परिवार में शादीशुदा बहन हिमानी हैं। वहीं, पत्नी रिशु कई साल पहले पति को छोड़कर बेटी पीहू केे साथ लखनऊ शिफ्ट हो गईं। चाचा बृजेंद्र के अनुसार उन्हें पता चला है कि सिद्धार्थ ने परिवार के लोगों को प्रयागराज की बात बताई जबकि कुछ दोस्तों को वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन करने को कहा। तीसरे चाचा मयंक के अनुसार इस बीच सिद्धार्थ अपने यशोदानगर निवासी दोस्त सागर त्रिपाठी के साथ गाजीपुर स्थित गांव गया था। वहां कुछ रिश्तेदारों ने उसे कार में बैठाकर जमकर शराब पी। माहौल खराब देख सागर ने अपने कुछ दोस्तों को कार में खतरे को भांपकर आगाह कर लोकेशन सेंड की। उसके दोस्त जब तक कुछ समझ पाते तब तक इसी बीच उन लोगों ने दोनों की गोली मारकर हत्या करने के बाद गला रेतने के बाद अलग अलग बोरे में शव भरकर रेलवे ट्रैक धानापुर क्षेत्र में फेंक दिया। बिलखती मां बेटे को यादकर सिहर उठती है।