पशुओं को लाद कर ले जाने के बदले रुपयों की मांग की
उसके मुताबिक हाईवे पर जाते समय अर्जुन आई हॉस्पिटल के पास बर्रा कट फ्लाईओवर पर पीछे से आई चकेरी की पीआरवी 7058 के पुलिसकर्मियों ने उसे रोका था। उन लोगों ने पशुओं को लाद कर ले जाने के बदले रुपयों की मांग की। तभी हनुमंत विहार थाने की पीआरवी 6504 और 7055 भी वहां आ पहुंचीं। तीनों पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए कहा कि इधर से गाड़ी लेकर जाना है, तो प्रति पुलिसकर्मी 500 रुपये देने होंगे।
गाड़ी से उतार लिया और जमकर पीटा
रुपये देने से इन्कार किया तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें गाड़ी से उतार लिया और जमकर पीटा। फिर धमकाते हुए चले गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जांच में सामने आया कि पशु व्यापारी की कार को ओवरटेक कर सबसे पहले रोकने वाली पीआरवी 7058 चकेरी थाने की थी, जिसे कांस्टेबल अतुल सचान चला रहा था।
सभी को निलंबित कर दिया गया
इसमें हेड कांस्टेबल ऋषिराजन व कांस्टेबल हरिओम सिंह और रिंकी रानी बैठीं थीं। हनुमंत विहार की पीआरवी 7055 में दो हेड कांस्टेबल अजय कुमार यादव व आनंद कुमार और कांस्टेबल उमाशंकर दीक्षित थे। इसी थाने की दूसरी पीआरवी 6504 में चालक हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार व अमीर हसन एवं कांस्टेबल सोनू यादव और आराधना थीं। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है।
पीआरवी वालों को देखकर फेंक देते हैं नोट
पशु व्यापारी के मुताबिक वह हर सप्ताह पशु खरीदने सरसौल आते हैं तो पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मी वाहन गुजारने के नाम पर 200-200 रुपये लेतेे हैं। इन्हें बिना रुपये दिए मवेशियों से भरी गाड़ी पास कराना संभव नहीं है। गाड़ी रोकनी न पड़े इसलिए अक्सर पीआरवी वालों को देखकर नोट हवा में उड़ा देते हैं, जिन्हें वह लोग उनके गुजर जाने के बाद उठा लेते हैं।
पुलिस विभाग की छवि खराब हुई
उस दिन इन लोगों ने पीछाकर 500 रुपयों की मांग की थी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जांच में पाया गया कि कर्मियों की ऐसी हरकत से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई है। प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मुख्यालय ने सभी 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।