ऑनलाइन शॉपिंग में साइबर ठग तरह-तरह के ऑफर देकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। तेजी से बढ़े ऑनलाइन फ्रॉड से बेहद सावधान और सुरक्षित रहना जरूरी है। खरीदारी से पहले गूगल पर यूआरएल को जरूर चेक कर लें। कंपनियों के मिलते-जुलते नामों से साइट बनाकर शातिर साइबर ठग घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
एक दो शब्द नहीं पूरा यूआरएल टाइप करें
सबसे पहले आप तय करें कि किस साइट से शॉपिंग करनी है। ठग गूगल पर अपना यूआरएल रजिस्टर्ड करा लेते हैं। गूगल को जो यूआरएल दिया जाता है, वह पहले या दूसरे नंबर पर रहता है।
लिहाजा, सबसे जरूरी है कि पहले पूरा यूआरएल टाइप करें न कि एक, दो, तीन या चार शब्द। चार ऑप्शन चुनने के बाद ये जरूर देखें कि कौन सा यूआरएल असली है। पूरा का पूरा यूआरएल गूगल पर टाइप करें और फिर सर्च करें।
क्या न करें
-एचटीटीपी वाला यूआरएल कतई इस्तेमाल न करें।
-पेमेंट करने से पहले गेटवे चेक कर लें कि बीच का कोई ब्रोकर न हो।
-शॉपिंग के समय यूआरएल टाइप करने के दौरान आधा यूआरएल टाइप न करें।
-किसी भी अज्ञात नंबर से 20 सेकेंड से ज्यादा बात न करें।
-रिफंड करना भी है, तो ओटीपी न बताएं, न ही लिंक खोलें।
क्या करें
-एचटीटीपीएस वाला यूआरएल इस्तेमाल करें।
-पेमेंट करने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतें।
-गूगल से यूआरएल न देखें, इससे अक्सर धोखा होता है।
कहां करें शिकायत
अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो गई है, तो सबसे पहले 1930 पर कॉल कर अपने साथ हुई घटना की सूचना दें। इसके बाद www.cybercrime.gov.in साइट पर भी विजिट करें। साथ ही संबंधित थाने में जाकर मामले की लिखित जानकारी दें।