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‘सावधान इंडिया’ के सुशांत ने कहा- बढ़ रहा हाईटेक क्राइम, आप भी रहिए सतर्क

Sat, 21 Jul 2018 07:50 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- एक्टर सुशांत राजपूत ने टीवी शो सावधान इंडिया का किया प्रमोशन
- कहा, कानपुर में विकास दिखने लगा है, ऐतिहासिकता कमाल की
 
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सुशांत सिंह राजपूत
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विस्तार
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हाईटेक क्राइम तेजी से बढ़ रहा है, एेसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। यह बात शो ‘सावधान इंडिया’ के होस्ट सुशांत सिंह राजपूत ने कानपुर में कही। इस शो के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीसरी बार कानपुर शहर आना हुआ है।
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इस बार शहर में एक खास डेवलेपमेंट देखने को मिला और वो है कि यहां पर कानपुर- लखनऊ की सड़क पर एक भी गड्ढा नहीं मिला और सफर आरामदायक रहा। वह शुक्रवार को होटल लैंडमार्क में शो के प्रमोशन के सिलसिले में पहुंचे थे। 

ऐतिहासिक शहर है कानपुर 
सुशांत सिंह ने कहा कि कानपुर स्वतंत्रता सेनानियों का शहर रहा है। यहां की ऐतिहासिकता कमाल की है। कभी फुर्सत में इस शहर को जानने और घूमने आऊंगा। उन्होंने ठग्गू के लड्डू की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि नए सीजन में हाईटेक क्राइम के शो दिखाए जाएंगे। इसमें दिखाया जाएगा कि कैसे तकनीक का उपयोग कर के अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। शो में कानपुर की कोई स्टोरी नहीं है, लेकिन यहां से मुझे कोई अच्छी घटना बताएगा, तो जरूरी सीरियल बनाया जाएगा। किसी के चेहरे पर नहीं लिखा होता कि वह अपराधी है। कहानियां कई बार सत्य घटनाओं पर आधारित होती है।
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डेमो पिक
बच्चों को सही और गलत बताएं
बच्चों के साथ क्राइम रेट बढ़ा है। पहले भी महिलाएं और बच्चों के साथ अपराध होते थे लेकिन अब सोशल मीडिया के माध्यम से सब सामने आने लगा है। बच्चों को भी जागरूक होने की जरूरत है लेकिन ऐसे में अभिभावक को बच्चों के साथ ये सीरियल देखना चाहिए और उनको क्या गलत हैं और क्या सही इसकी जानकारी देनी चाहिए। शो का मकसद लोगों को आसपास होने वाले अपराध के प्रति जागरूक करना है। 

खुद भी बचा फ्राड से 
सुशांत ने बताया कि एक बार पिता के करीबी दोस्त के बेटे ने उन्हें बताया कि कोई अरबपति बिल्डर उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाना चाहता है। उसके कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। मैं जब होटल पहुंचा तो पता चला कि इतने बड़े आदमी का मैनेजर और वो दोनों एक ही रूम में ठहरे थे। वे ट्राउजर-टीशर्ट में टहल रहे थे। उन्होंने बताया कि रविवार को उनका ऑफिस बंद था, जबकि अमूमन रविवार को प्रापर्टी डीलिंग के ऑफिस खुले होते हैं। जब मैंने पड़ताल की तो पता चला कि उसका प्रापर्टी सेक्टर में कोई नाम नहीं है। मैंने दूरी बना ली। 

फाइटर पाइलट बनना चाहता था 
उन्होंने कहा कि बचपन से एक्टिंग का शौक था, लेकिन वह फाइटर पायलट बनना चाहते थे। इसके लिए एनडीए की परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। बचपन से थिएटर करता था तो एक्टिंग की ओर कदम बढ़ाया और अच्छे प्रोजेक्ट ने एक्टर बना दिया। फिलहाल फिल्म के कोई अच्छे ऑफर नहीं मिल रहे हैं।
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