मंटोरा ग्रुप के संचालकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से कमीशन लेकर कालाधन सफेद करने के मामले में आयकर विभाग ने अपनी जांच पूरी कर ली है। कालाधन सफेद करने के अलावा आयकर विभाग को ग्रुप में अन्य कई तरह की अनियमितताएं मिली हैं। करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के मामले में आयकर विभाग ने करीब 12 करोड़ रुपये टैक्स जमा कराया है।
नोटबंदी के बाद 10 नवंबर से 28 दिसंबर तक मंटोरा ग्रुप ने 10 से 15 करोड़ रुपये का कालाधन सफेद किया। इसके बदले में 18 से 25 फीसदी तक कमीशन लिया जाता था। एक समाचार चैनल के स्टिंग में इसका खुलासा हुआ तो आयकर विभाग की टीम ने मौके पर ही धंधेबाजों को धर दबोचा। इस मामले की जांच पूरी कर आयकर विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए एक्सपर्र्ट एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को केस ट्रांसफर कर दिया है। ईडी अपनी सुविधानुसार इस प्रकरण की जांच करेगा।
उधर, आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान कंपनी में अन्य तरह की गड़बड़ियां भी सामने आईं। मसलन कच्चे बिलों पर माल की बिक्री, कई तरह की अघोषित संपत्तियां, स्टॉक और दस्तावेजों में अंतर, पिछले वर्षों में टर्नओवर के हिसाब से टैक्स जमा न करना आदि। इन मामलों में कंपनी से करीब 12 करोड़ रुपये टैक्स जमा कराया गया है।
ये है मामला
ग्रुप के घंटाघर स्थित बावर्ची वनस्पति के डिपो और माल रोड सिटी सेंटर स्थित आफिस पर 28 दिसंबर को छापा पड़ा था। आयकर के डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश, असिस्टेंट डायरेक्टर केके मिश्रा, सौरभ आनंद की टीम ने डिपो में 20 लाख से ज्यादा के दो हजार के नए नोट व एक करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। टीम ने रोहित गुप्ता, अरविंद, अतिन, जैन, कुशवाहा सहित छह लोगों को मौके पर ही पकड़ा था।