एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड की कालपी रोड स्थित आयुध फैक्टरी कानपुर (ओएफसी) में आईएसआई की घुसपैठ देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील घटना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि धनुष व सारंग और टी-90, अर्जुन व टी-72 जैसे जिन तोपों-टैंकों का इस्तेमाल देश की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, उनकी बैरल और गोलों का निर्माण इसी फैक्टरी में होता है।
पिनाक मल्टी बैरल राकेट लांचर के अलग-अलग संस्करणों के स्टेब्लाइजर भी यहीं बनाए जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि फैक्टरी का नया शैल फोर्जिंग प्लांट इसी साल पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। इसके बन जाने पर 105 से लेकर 155 एमएम के तोप के गोलों का उत्पादन किया जा सकेगा। चूंकि जासूसी के आरोप में पकड़ा गया जूनियर वर्क्स मैनेजर कुमार विकास आरोपी उत्पादन विभाग से जुड़ा है।