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13 सेंटीमीटर और गिरा बैराज का जलस्तर

Tue, 03 May 2016 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के पास गंगा में पानी बहुत कम है। यहां बंधे को और बड़ा किया जा रहा है। - फोटो : amarujala
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कानपुर (ब्यूरो)। गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 13 सेंटीमीटर और गिर गया। सोमवार को तेजी से गिरावट का पता चलते ही सिंचाई विभाग और जलकल विभाग के अफसर बैराज पहुंचे। उन्होंने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन पर भी गंगा की स्थिति का जायजा लिया।
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‘अमर उजाला’ ने 2 मई को ‘गंगा बैराज के जलस्तर में रिकार्ड गिरावट’ को उजागर किया था। सोमवार को सुबह बैराज में गंगा के जलस्तर की रीडिंग ली गई तो पता चला कि यह 111.17 मीटर रह गया है। जबकि 1 मई को जलस्तर 111.30 मीटर था। 24 घंटे में जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की गिरावट का पता चलते ही अफसरों की चिंता बढ़           गई। महापौर जगतवीर सिंह द्रोण के अलावा जलकल विभाग के महाप्रबंधक जवाहर राम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से बात करने के बाद अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार के साथ बैराज की स्थिति का जायजा लिया। जलकल विभाग के जीएम ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन जाकर गंगा में बनाए गए बंधे को और बड़ा कराने और गंगा की मुख्य धारा के दोनों तरफ ड्रेजर लगाकर तेजी से ड्रेजिंग कराने के निर्देश  दिए। जीएम के अनुसार भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से रोज 20 करोड़ लीटर पानी लिया जा रहा है।  
नहीं हुई बैराज से जलापूर्ति  
कानपुर। बैराज से बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स को जलापूर्ति ठप रहने से सोमवार को कई मोहल्लों में पानी का संकट बना रहा। हालांकि भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और लोअर गंगा कैनाल से 25 करोड़ लीटर पानी लेकर कमी को पूरा करने की कोशिश की गई। फिर भी साउथ के कई मोहल्लों में बनी टंकियां सूखी रहीं।
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जल निगम बैराज से बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स को रोज सात करोड़ लीटर पानी देता है। 1 मई को गंदा पानी आने की वजह से जलापूर्ति बंद कर दी गई थी। जलकल विभाग ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और लोअर गंगा कैनाल से 25 करोड़ लीटर पानी को शोधित कर शहर के 67 वार्डों की टंकियों में भेजा, लेकिन मांग के मुताबिक कम पानी पहुंचने की वजह से पीरोड, रायपुरवा, स्वरूप नगर, लेनिन पार्क सहित कई टंकियां आधी भर पाईं, जबकि गोविंद नगर, बाबूपुरवा की टंकियों में पानी ही नहीं पहुंचा। जहां सप्लाई हुई वहां लो-प्रेशर की समस्या बनी रही। लोगों को सबमर्सिबल, हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ी। जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एके सिंह ने बताया कि बैराज से बेनाझाबर वाटर वर्क्स तक बिछी पाइप लाइन में लीकेज ठीक करते समय या कहीं रिसाव की वजह से मिट्टी पहुंची थी। ठीक किए गए लीकेजों को दोबारा चेक कराया जा रहा है। 3 मई को दोपहर तक बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स को पानी देने की कोशिश की जा रही है।
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