दो दिन की बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को गंगा का जलस्तर लगभग स्थिर रहा। फिर भी गांव के मुहाने तक पानी भरा देख कटरी के बाशिंदों की नींद हराम हो गई है। घरों में पानी घुसने की आशंका में वे रतजगा कर रहे हैं। उधर, प्रशासन ने ग्रामीणों को भी बैराज के आसपास नाव न चलाने, डुबकी न लगाने की हिदायत दी है।
गंगा का जलस्तर 28 जुलाई की शाम को 113.60 मीटर था। सुबह आठ बजे यह घटकर 113.59 मीटर और शाम सात बजे 113.58 मीटर हो गया। सिंचाई विभाग की बैराज इकाई के अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नरौरा बांध से पानी छोड़ना चार दिन से लगातार कम होता जा रहा है। शुक्रवार को वहां से लगभग 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
हालांकि बीच में पड़ने वाली काली सहित अन्य सहायक नदियों से भी पानी आ रहा है। मौजूदा स्थितियों में बाढ़ आने की संभावना नहीं है। यदि उत्तराखंड में लगातार तेज बारिश, नरौरा से ज्यादा पानी छोड़ा गया या सहायक नदियों से ज्यादा पानी आया, तभी बाढ़ आ सकती है।
इसी तरह बाढ़ के प्रभारी अधिशासी अभिंयता राजनाथ सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट आई है। उधर, कटरी के देवनीपुरवा गांव निवासी रवि निषाद, खिलावन, पप्पू आदि ने बताया कि उनका गांव और घारमखेड़ा में घरों के बगल तक पानी पहुंच गया है और चैनपुरवा तीन तरफ से पानी से घिरने से ग्रामीणों की नींद हराम हो गई है। घरों में पानी घुसने की आशंका में रात में लोग जागते रहे।