अब देशी शराब की भी बार कोडिंग की जाएगी। अभी तक देशी शराब के गत्ते पर ही बार कोड होता है। इससे असली और मिलावटी शराब में अंतर नहीं हो पाता है।
कानपुर शहर और कानपुर देहात में हाल में मिलावटी शराब पीने से 18 लोगों की मौत के बाद माधुरी ब्रांड की देशी शराब की बिक्री काफी घट गई है। इससे करीब सौ करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है।
उन्नाव डिस्टलरीज एंड ब्रेवरेज (यूडीबीएल) के निदेशक धर्मपाल शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आबकारी विभाग ने तीन माह तक पेटी पर बार कोडिंग की छूट दी थी लेकिन इससे पहले ही माधुरी ब्रांड के क्वार्टर पर अभी से बार कोडिंग चालू कर दी गई है। कोई भी यूपी एक्साइज एप डाउनलोड कर बार कोड स्कैन कर पूरी जानकारी ले सकता है।